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US Submarine Attack Iran Ship: USS Charlotte News Hindi | Iran America Ki Ladai- यही है ईरानी जहाज का साइलेंट किलर शॉर्लोट पनडुब्बी

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Published On: March 17, 2026

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होमदुनियाअमेरिका

USS शार्लोट: यही है ईरानी जहाज का साइलेंट किलर, न्यूक्लियर सबमरीन कितनी घातक?

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हिंद महासागर में अमेरिकी नौसेना की परमाणु पनडुब्बी USS Charlotte ने टॉरपीडो हमला कर ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को डुबो दिया. रिपोर्ट के मुताबिक दो MK-48 टॉरपीडो दागे गए, जिनमें से एक ने जहाज को सीधे निशाना बनाया. इस हमले में कम से कम 87 ईरानी नाविक मारे गए.

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अमेरिका की पनडुब्बी. (सांकेतिक फोटो/Reuters)

वॉशिंगटन: हिंद महासागर में अमेरिका की पनडुब्बी ने ईरानी नेवी के IRIS डेना जहाज को टॉरपीडो मारकर डुबो दिया. इस हमले ने अमेरिका-ईरान टकराव को और गंभीर बना दिया है. CBS न्यूज के मुताबिक कई अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ईरान के युद्धपोत IRIS डेना को डुबोने वाला हमला अमेरिकी नौसेना की लॉस एंजेलिस-क्लास परमाणु पनडुब्बी USS शार्लोट (Charlotte) यानी SSN-766 से किया गया था. वहीं एक चौंकाने वाला खुलासा ऑस्ट्रेलिया के पीएम ने किया. उन्होंने बताया कि उनकी नेवी के नाविक भी हमले के वक्त पनडुब्बी में मौजूद थे. रिपोर्ट के अनुसार पनडुब्बी ने ईरानी जहाज पर दो MK-48 टॉरपीडो दागे. पहला टॉरपीडो लक्ष्य से चूक गया, लेकिन दूसरा सीधे युद्धपोत से टकराया और जहाज समुद्र में डूब गया. यह हमला श्रीलंका के तट से दूर अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में हुआ. बताया गया कि इस हमले में कम से कम 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत हुई.

कैसी है USS शार्लोट?

  1. USS Charlotte अमेरिका की एडवांस्ड लॉस एंजेलिस क्लास न्यूक्लियर ईंधन से चलने वाली पनडुब्बी है. इसे 1990 के दशक में सेवा में शामिल किया गया था और यह अमेरिकी नौसेना की सबसे घातक पनडुब्बियों में गिनी जाती है.
  2. यह पनडुब्बी परमाणु ऊर्जा से चलती है, इसलिए महीनों तक बिना सतह पर आए समुद्र में रह सकती है. इसकी अधिकतम गति करीब 55 किमी/घंटा तक मानी जाती है और यह गहरे समुद्र में बेहद शांत तरीके से ऑपरेशन करने के लिए डिजाइन की गई है.
  3. USS शार्लोट में आम तौर पर 130 से अधिक क्रू सदस्य होते हैं और यह टॉरपीडो, क्रूज मिसाइल और आधुनिक सोनार सिस्टम से लैस होती है. MK-48 टॉरपीडो जैसे हथियार खास तौर पर बड़े युद्धपोतों और पनडुब्बियों को नष्ट करने के लिए बनाए गए हैं.
  4. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरानी जहाज को लगा था कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित है, लेकिन अमेरिकी टॉरपीडो ने उसे डुबो दिया.
  5. IRIS Dena भारत में आयोजित मिलान मल्टीलेटरल नेवल एक्सरसाइज में हिस्सा लेने के बाद ईरान लौट रही थी.

ऑस्ट्रेलियाई सैनिक पनडुब्बी में क्यों थे?

इस घटना के बाद एक और महत्वपूर्ण खुलासा हुआ. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पुष्टि की कि हमले के समय अमेरिकी पनडुब्बी पर तीन ऑस्ट्रेलियाई सैन्यकर्मी भी मौजूद थे. अल्बनीज ने कहा कि ये सैनिक AUKUS रक्षा समझौते के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में पनडुब्बी पर तैनात थे. उन्होंने कहा, ‘मैं पुष्टि कर सकता हूं कि उस पनडुब्बी पर तीन ऑस्ट्रेलियाई कर्मी मौजूद थे, लेकिन किसी ऑस्ट्रेलियाई ने ईरान के खिलाफ किसी आक्रामक कार्रवाई में हिस्सा नहीं लिया.’

ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के बीच लंबे समय से ऐसा कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई नौसैनिक अमेरिकी पनडुब्बियों पर प्रशिक्षण लेते हैं. इसका उद्देश्य भविष्य में ऑस्ट्रेलिया को न्यूक्लियर-पावर्ड सबमरीन चलाने के लिए तैयार करना है.

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Yogendra Mishra

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें

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