नई दिल्ली. साल 2009 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स के दौरान एक घटना ने सबका ध्यान खींच लिया था. हुआ यूं था कि शाहरुख खान ने नील नितिन मुकेश के नाम का मजाक उड़ाया था. इसके बाद नील ने उन पर बुरी तरह गुस्सा हुए थे. यहां तक कि उन्होंने किंग खान को शटअप तक कह दिया था. आज भी लोग इस बहस में उलझे हैं कि क्या नील वाकई शाहरुख पर भड़क गए थे? हालांकि, नील कई बार साफ कर चुके हैं कि उन्होंने इसे कभी सीरियसली नहीं लिया और यह सब बस हंसी-मजाक का हिस्सा था.
शाहरुख खान-नील नितिन मुकेश विवाद की खुली पोल
ऑस्कर 2026 के बाद कॉमेडियन वीर दास ने सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प चर्चा छेड़ी. उन्होंने बताया कि भारत में रिकी जर्विस या कोनन ओ’ब्रायन जैसे कॉमेडियंस बड़े फिल्म अवॉर्ड्स होस्ट क्यों नहीं करते. वीर के मुताबिक, स्टार्स के ईगो की वजह से रोस्टिंग करना मुश्किल होता है और कई बार जो जोक्स हॉल में बैठे लोगों को पसंद आते हैं, वे टीवी दर्शकों को समझ नहीं आते. इस पर एक यूजर ने कमेंट किया, ‘मुझे याद है जब शाहरुख और सैफ ने नील नितिन मुकेश के नाम का मजाक उड़ाया था, तो वह काफी बुरा मान गए थे.’
स्क्रिप्टेड थी शाहरुख खान-नील नितिन मुकेश की बहस?
यूजर को जवाब देते हुए वीर दास ने सालों पुराने इस वायरल विवाद का सच खोल दिया. उन्होंने बताया कि वह पल पूरी तरह स्क्रिप्टेड था. वीर ने लिखा, ‘मजेदार बात यह है कि वह हिस्सा हमने ही लिखा था. उसे जानबूझकर थोड़ा बचकाना रखा गया था और नील भी उस मजाक का हिस्सा थे. उन्होंने इसे खेल की भावना से लिया और हॉल में सबको बहुत मजा आया. लेकिन बाद में मेकर्स ने उसमें ड्रामेटिक म्यूजिक जोड़ दिया और उसे किसी टीवी सीरियल की तरह एडिट कर दिया, जिससे लोगों को लगा कि मामला गंभीर है.’
फिल्म अवॉर्ड्स में ज्यादा क्यों नहीं होता है मस्ती-मजाक
वीर दास ने एक और पोस्ट में बताया कि भारत के बड़े फिल्म अवॉर्ड्स में रिकी जर्विस या कोनन ओ’ब्रायन जैसा रोस्टिंग वाला अंदाज क्यों नहीं दिखता. पांच साल तक इंडियन अवॉर्ड शो लिखने का अनुभव साझा करते हुए वीर ने बताया कि विदेशों में कॉमेडियंस को होस्ट इसलिए बनाया जाता है ताकि वे दुनिया के सबसे खूबसूरत और सफल सितारों को एक रात के लिए आम इंसान की तरह दिखा सकें.
मजाक करने पर बुरा मान जाते हैं बड़े स्टार्स
वीर के मुताबिक, भारत में सबसे बड़ी बाधा सितारों का ईगो है. यहां के स्टार्स अपने से कम कद वाले किसी भी शख्स से मजाक बर्दाश्त नहीं कर पाते. विडंबना यह है कि होस्ट जितना बड़ा सुपरस्टार होगा, कॉमेडी उतनी ही मुश्किल हो जाती है क्योंकि उस लेवल पर गिनती के ही लोग होते हैं. ऐसे में एक बड़ा स्टार जब होस्टिंग करता है, तो वह हॉल में बैठे लोगों को तो ठीक लग सकता है, लेकिन टीवी पर देख रहे दर्शकों को वह मजा नहीं आता क्योंकि हंसी-मजाक के लिए जरूरी बराबरी का स्तर वहां गायब होता है.
क्या है पूरा मामला?
साल 2009 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स का वह नजारा आज भी लोगों के जेहन में ताजा है, जब शाहरुख खान ने नील नितिन मुकेश के नाम को लेकर चुटकी ली थी. शाहरुख ने मजाकिया अंदाज में पूछा था, ‘नील, मेरा एक सवाल है तुम्हारा नाम है नील नितिन मुकेश. भाई, इसमें सरनेम कहां है? ये तो तीनों के तीनों फर्स्ट नेम ही हैं. तुम्हारा कोई सरनेम क्यों नहीं है? इस पर नील ने कहा कि सर, इतना प्यारा सवाल पूछने के लिए शुक्रिया. क्या मैं कुछ कहने की हिम्मत कर सकता हूं? शाहरुख की इजाजत मिलते ही नील ने सबको चौंकाते हुए कहा कि सच कहूं तो मुझे यह अपनी बेइज्जती लग रही है. मेरे पिता यहां सामने बैठे हैं और मुझे लगता है कि आप लोगों को अब चुप हो जाना चाहिए.’


