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Curaçao Football Team: कैरेबियाई देश कुराकाओ ने फीफा विश्व कप 2026 के लिए क्वालीफाई कर इतिहास रच दिया. कुराकाओ की आबादी करीब डेढ़ लाख है, जो दिल्ली के एक मोहल्ले जितनी है.
मंगलवार, 18 नवंबर, 2025 को किंग्स्टन, जमैका में जमैका के खिलाफ फुटबॉल मैच के बाद कुराकाओ के खिलाड़ी 2026 फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने का जश्न मनाते हुए. (Photo: AP)
Curaçao Football Team: कैरेबियाई द्वीपीय देश कुराकाओ (Curaçao) ने इतिहास रच दिया है. वो जनसंख्या के हिसाब से फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाला सबसे छोटा देश बन गया है. कुराकाओ का भूभाग 171 वर्ग मील है और इसकी जनसंख्या 157,000 से भी कम है. एक दिलचस्प आंकड़ा यह है कि भारत की राजधानी दिल्ली की जनसंख्या कुराकाओ देश से लगभग 140 गुना अधिक है. दिल्ली की अनुमानित जनसंख्या लगभग 22,300,000 है. अगर दूसरे शब्दों में कहें तो दिल्ली का एक मोहल्ला या एक इलाका भी आबादी के मामले में कुराकाओ के बराबर है. एक आंकड़े के अनुसार लाजपत नगर क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या लगभग 1,50,000 है. कुराकाओ ने कॉनकाकाफ क्वालीफाइंग मुकाबलों के आखिरी दिन जमैका के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के साथ अपना स्थान पक्का कर लिया. अगला फीफा विश्व कप 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक कनाडा, मेक्सिको और संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित किया जाएगा.
भारत है फिसड्डी देश
कुराकाओ की फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने की उपलब्धि कई कारणों से महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय है. खासकर इसलिए क्योंकि यह देश विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाला अब तक का सबसे कम आबादी वाला देश बन गया है. मौजूदा फीफा रैंकिंग में 82वें स्थान पर काबिज कुराकाओ ने दिखाया है कि सिर्फ बड़ी संख्या के दम पर ही खेलों में उत्कृष्टता हासिल नहीं की जा सकती. जहां कुराकाओ जैसे देश ने फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई करके एक स्वर्णिम खेल अध्याय की शुरुआत की, वहीं भारत और चीन जैसे देश बार-बार ऐसा करने के लिए संघर्ष करते हैं. चीन ने केवल एक बार 2002 में विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था, वहीं भारत अपने खेल इतिहास में कभी ऐसा नहीं कर पाया है.
तोड़ा आइसलैंड का रिकॉर्ड
क्वालीफाई करने के साथ कुराकाओ ने आइसलैंड का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिसने 2018 विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था. तब आइसलैंड की आबादी लगभग 3,50,000 थी, जो कुराकाओ की आबादी से दोगुने से भी अधिक थी. यह दर्शाता है कि एक छोटे से देश ने सीमित संसाधनों के बावजूद विश्व स्तरीय फुटबॉल में अपनी जगह बनाई है. कुराकाओ अपने पूरे अभियान में अपराजित रहा. ‘ब्लू वेव’ के नाम से जानी जाने वाली ये टीम 12 अंकों के साथ ग्रुप बी में शीर्ष पर रही जिससे वो विश्व कप के लिए टिकट हासिल करने में शामिल हो गयी.
डिक एडवोकाट विश्व कप का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार हैं.
अनुभवी कोच और दृढ़ संकल्प
कुराकाओ टीम को वयोवृद्ध डच कोच डिक एडवोकाट (Dick Advocaat) ने प्रशिक्षित किया, जो पहले नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया और रूस जैसी टीमों को भी कोचिंग दे चुके हैं. हालांकि, पारिवारिक कारणों से वह निर्णायक मैच के दौरान नीदरलैंड लौट गए थे, लेकिन टीम ने उनके मार्गदर्शन में बनाई गई रणनीति पर मजबूती से अमल किया. जमैका के खिलाफ अंतिम मैच में कुराकाओ को जमैका के भयंकर दबाव का सामना करना पड़ा. जमैका ने तीन बार गोलपोस्ट पर गेंद मारी. यहां तक कि स्टॉपेज टाइम में जमैका को एक पेनल्टी भी दी गई, जिसे VAR (Video Assistant Referee) समीक्षा के बाद खारिज कर दिया गया. टीम ने अंतिम क्षणों तक धैर्य बनाए रखा और ड्रॉ हासिल किया.
प्रारूप बदलने का मिला लाभ
कुराकाओ की यह उपलब्धि ऐसे समय में आयी है जब 2026 का फीफा विश्व कप पहली बार 48 टीमों के प्रारूप में खेला जाएगा. टीमों की संख्या बढ़ने से CONCACAF क्षेत्र (उत्तरी, मध्य अमेरिका और कैरेबियाई संघ) से भी क्वालीफाई करने वाली टीमों की संख्या बढ़ी, जिससे कुराकाओ जैसी छोटी टीम को अवसर मिला. कुराकाओ ने क्वालिफाइंग अभियान में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया. उनकी सबसे महत्वपूर्ण जीत में से एक बरमूडा पर 7-0 की शानदार विजय थी. जो इस राउंड में किसी भी टीम को मिली सबसे बड़ी जीत थी और अंततः उन्हें ग्रुप में शीर्ष पर पहुंचाने में निर्णायक साबित हुई.
कोच एडवोकाट भी तोड़ेंगे रिकॉर्ड
कुराकाओ के अनुभवी मैनेजर एडवोकाट भी एक रिकॉर्ड तोड़ने की राह पर हैं. 78 वर्ष की आयु में वह अगली गर्मियों में विश्व कप में किसी टीम का नेतृत्व करने वाले सबसे उम्रदराज मैनेजर बन जाएंगे. एडवोकाट ओट्टो रेहागेल का रिकॉर्ड तोड़ देंगे, जो 2010 में ग्रीस के अंतिम विश्व कप मैच में 71 वर्ष और 317 दिन की आयु में टीम का नेतृत्व कर रहे थे. एडवोकेट अनुभव के धनी हैं. वह तीन बार नीदरलैंड के मैनेजर रहे हैं, जहां से वे हैं. लेकिन उन्होंने छोटी टीमों के साथ बतौर कोच दुनिया भर की यात्रा की है. दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय टीम का कार्यभार संभालने से पहले एडवोकाट 20 साल तक संयुक्त अरब अमीरात के कोच रहे थे. उन्होंने बेल्जियम और रूस का भी कोच पद संभाला और कुछ समय के लिए सर्बिया का भी. 2021 में एडवोकाट इराक के कोच थे. कुराकाओ के साथ उनकी नवीनतम सफलता निश्चित रूप से उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है.


