गुरुग्राम सच में सबका बाप है और यह बात एक बार फिर गुरुग्राम ने साबित कर दी है. बस इंतजार कीजिए, अगर सब कुछ बेहतर रहा तो आने वाले दिनों में यह विश्व के टॉप शहर दुबई को भी पछाड़ देगा. फिलहाल प्रॉपर्टी के मामले में इसने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को पछाड़ दिया है. हाल ही में आई रिपोर्ट भी साबित करती है कि अगर आपका चाहे छोटा सा ही घर गुरुग्राम में है तो आप सच में मालदार हैं. अब आपको बताते हैं कि गुरुग्राम ने आखिर क्या करिश्मा किया है…
- बना दिया अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड
साल 2025 के दौरान, गुरुग्राम ने 10 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा कीमत वाले लक्जरी घरों की कुल बिक्री में मुंबई को पीछे छोड़ दिया है. इंडिया सोथबी इंटरनेशनल रियल्टी (ISIR) और CRE मैट्रिक्स की एक रिपोर्ट बताती है कि अकेले गुरुग्राम शहर में इस एक साल में 10 करोड़ और उससे अधिक कीमत वाले लगभग 1,494 घर बिके हैं जो शहर में किसी भी 12 महीने की अवधि में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. - 2023 में क्या था रेट
इस सेगमेंट में कुल लेन-देन का मूल्य 2023 के 4,004 करोड़ रुपये से छह गुना बढ़कर 24,120 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है जिसने गुरुग्राम को भारत में हाई-एंड रेजिडेंशियल सबसे विकसित और प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत किया है. - मुंबई का क्या रहा रिकॉर्ड
रिपोर्ट के अनुसार मुंबई ने इस एक साल की अवधि में 21902 करोड़ रुपये मूल्य के 10 करोड़ या उससे ज्यादा कीमत वाले घर बेचे हैं, यानि मुंबई इस लिस्ट में गुरुग्राम से करीब पौने 3 हजार करोड़ रुपये पीछे है.
ये 3 लोकेशन कर रहीं कमाल
इंडिया सोथबी इंटरनेशनल रियल्टी की एरिया डायरेक्टर टीना तलवार का कहना है कि यह विकास अब गुरुग्राम के केवल पुराने या पारंपरिक इलाकों तक सीमित नहीं है. बल्कि नए गुरुग्राम को भी रिप्रजेंट कर रहा है. द्वारका एक्सप्रेसवे, गोल्फ कोर्स रोड और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे उभरते हुए माइक्रो-मार्केट्स गुरुग्राम को नए लेवल पर पहुंचा रहे हैं. सबसे खास बात है कि इसे बेहतर बुनियादी ढांचा, नए प्रीमियम प्रोजेक्ट्स और मजबूत कनेक्टिविटी का पूरा समर्थन मिल रहा है.
रिपोर्ट कहती है कि द्वारका एक्सप्रेसवे इस पूरे द्रश्य में चमकता सितारा बन गया है. यहां लेनदेन मूल्य में 2,079 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई है जो 2024 में 383 करोड़ से बढ़कर 2025 में 8,347 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड में भी लेनदेन मूल्य में 379 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जहां औसत कीमतें 24,855 प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 37,899 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं. वहीं, गोल्फ कोर्स रोड जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में नई प्रॉपर्टी की कमी के कारण बिक्री में स्थिरता या मामूली गिरावट देखी गई.
10 करोड़ी घर का बढ़ गया ब्रैकेट
अल्ट्रा-लक्जरी सेगमेंट, जिसमें 10 करोड़ और उससे ज्यादा कीमत की संपत्तियां शामिल हैं, ने 2025 में कुल बाजार मूल्य का 24 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया है इस श्रेणी के भीतर भी एक बड़ा बदलाव देखा गया, जहां 10-20 करोड़ के ब्रैकेट का बाजार हिस्सा 2024 में लगभग 60 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 80 प्रतिशत से ज्यादा हो गया.
विकास का यह सिलसिला उच्च श्रेणियों में भी देखा गया, जहां 20-40 करोड़ रुपये के सेगमेंट में 148 यूनिट्स बिकीं, जबकि 40 करोड़ से अधिक की अल्ट्रा-प्रीमियम श्रेणी में भी महत्वपूर्ण बढ़त दर्ज की गई. वर्ष के दौरान बेचे गए लक्जरी घरों का औसत मूल्य 16 करोड़ रहा, जो अल्ट्रा-प्रीमियम आवासों के प्रति खरीदारों की मजबूत रुचि और क्षमता को दर्शाता है.
बाजार में बड़े और खुली जगह वाले घरों की मांग लगातार बनी रही, जिसमें लक्जरी घरों का औसत आकार लगभग 5,000 वर्ग फुट तक पहुंच गया. मूल्य के हिसाब से 4,000-6,000 वर्ग फुट वाले घरों का दबदबा रहा, जबकि 8,000 वर्ग फुट से बड़े घरों ने कुल बाजार मूल्य में लगभग 22 प्रतिशत का योगदान दिया. पिछले दो वर्षों में यूनिट्स की बिक्री में लगभग दस गुना वृद्धि हुई-2023 में 155 यूनिट्स से बढ़कर 2025 में लगभग 1,500 यूनिट्स, जो देश में संपत्ति सृजन और उच्च नेट-वर्थ व्यक्तियों (HNIs) तथा वैश्विक निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को दिखाती हैं.
क्या कहते है रियल एक्सपर्ट
व्हाइटलैंड कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर स्ट्रैटेजी, सुदीप भट्ट कहते हैं कि द्वारका एक्सप्रेसवे एनसीआर के सबसे आकर्षक प्रीमियम आवासीय कॉरिडोर में से एक बनकर उभरा है. इसकी सफलता के पीछे रणनीतिक कनेक्टिविटी और विश्वसनीय इन्फ्रास्ट्रक्चर का बेहतरीन तालमेल है. एयरपोर्ट तक आसान पहुंच के साथ, यह कॉरिडोर ग्लोबल मोबिलिटी और शहरी विकास के केंद्र में स्थित है.विशाल भूमि खंडों की उपलब्धता डेवलपर्स को आज के खरीदारों की आकांक्षाओं के अनुरूप अत्याधुनिक सुविधाओं वाली कम्युनिटी डिजाइन करने की अनुमति देती है, जो इसे अन्य क्षेत्रों से अलग बनाती है.
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह कॉरिडोर ‘ब्रांडेड रेजिडेंस’ सेगमेंट को भी आकर्षित कर रहा है. स्थापित हॉस्पिटैलिटी और लाइफस्टाइल ब्रांडों द्वारा समर्थित वैश्विक स्तर के आवासीय प्रारूप उन खरीदारों को प्रभावित कर रहे हैं, जो क्यूरेटेड लिविंग एक्सपीरियंस, उच्च सेवा मानक और दीर्घकालिक संपत्ति मूल्य की तलाश में हैं. बुनियादी ढांचा पूरी तरह से चालू होने के साथ ही खरीदारों का भरोसा मजबूत हुआ है, जिससे बाजार में केवल निवेश के बजाय वास्तविक एंड-यूजर की मांग बढ़ी है, विशेष रूप से सीएक्सओ (CXOs), एनआरआई (NRIs) और बड़े व्यापारियों की ओर से.


