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Exclusive John Bolton interview: Iran US war | minab girls school attack | Bolton vs Trump | बोल्टन

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Published On: March 16, 2026

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‘हमें माफी मांगनी चाहिए’, ईरान जंग पर बोले पूर्व NSA जॉन बोल्टन, ट्रंप पर बरसे

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी रह चुके पूर्व एनएसए जॉन बोल्टन ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की धज्जियां उड़ाते हुए इसे बिना लक्ष्य वाली जंग करार दिया है. फर्स्टपोस्ट को दिए इंटरव्यू में बोल्टन ने दहाड़ते हुए कहा कि ट्रंप अमेरिकी जनता को यह समझाने में नाकाम रहे हैं कि आखिर यह युद्ध क्यों लड़ा जा रहा है? उन्होंने इस अनिश्चितता को वियतनाम और अफगानिस्तान से कंपेयर किया है.

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ट्रंप पर बरसे जॉन बोल्टन

तेहरान: मिडिल ईस्ट में मचे कोहराम के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. फर्स्टपोस्ट को दिए एक इंटरव्यू में बोल्टन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं. बोल्टन ने साफ कहा कि ट्रंप अमेरिकी जनता और कांग्रेस को यह समझाने में बुरी तरह फेल रहे हैं कि आखिर यह जंग क्यों लड़ी जा रही है? उन्होंने चेतावनी दी कि बिना किसी साफ लक्ष्य के लड़ा जा रहा यह युद्ध वियतनाम या अफगानिस्तान की तरह सालों साल खिंच सकता है.

‘जब लक्ष्य ही साफ नहीं, तो जीत कैसी?’ : जॉन बोल्टन

जॉन बोल्टन खुद ईरान में सत्ता परिवर्तन के सबसे बड़े समर्थक रहे हैं लेकिन ट्रंप के तरीके से वो बेहद खफा हैं. बोल्टन ने कहा, ‘अगर आपको खुद ही नहीं पता कि आपका लक्ष्य क्या है, तो आप दुनिया को क्या समझाएंगे?’ उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन ने बिना किसी तैयारी के यह जंग छेड़ दी है. बोल्टन के मुताबिक, ट्रंप कभी कुछ कहते हैं तो कभी कुछ, और उनकी यही ‘अनिश्चितता’ अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा है.

मिनाब स्कूल नरसंहार पर ‘माफी’ की सलाह

ईरान के मिनाब स्कूल में 165 बच्चियों की मौत पर पूरी दुनिया अमेरिका को कोस रही है. इस पर बोल्टन ने कहा कि हालांकि अमेरिका ने जानबूझकर मासूमों को निशाना नहीं बनाया होगा, लेकिन अगर यह हमारी गलती है, तो ‘हमें माफी मांगनी चाहिए और हर्जाना देना चाहिए’. उन्होंने अंदेशा जताया कि शायद वो बिल्डिंग पहले किसी मिलिट्री कॉम्प्लेक्स का हिस्सा रही होगी और अमेरिकी इंटेलिजेंस को यह नहीं पता था कि अब वहां स्कूल चल रहा है. इसे उन्होंने ‘बड़ी लापरवाही’ करार दिया.

ट्रंप की कुर्सी को खतरा?

बोल्टन ने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज की घेराबंदी लंबी चली और तेल की कीमतें बढ़ीं, तो इसका सीधा असर अमेरिका की राजनीति पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने ईरान के पलटवार का सही अंदाजा नहीं लगाया. अगर अमेरिकी जनता के घरों में बिजली के बिल और पेट्रोल के दाम बढ़ते रहे, तो ट्रंप के प्रति जनता का समर्थन चंद दिनों में हवा हो जाएगा.

क्या गिर जाएगी सरकार?

हालांकि बोल्टन ने यह भी माना कि ईरान के भीतर जनता महसा अमीनी की मौत और आर्थिक तंगी को लेकर बेहद गुस्से में है. उनके मुताबिक, ईरान के सभी 31 प्रांतों में युवा और महिलाएं सरकार के खिलाफ हैं. बोल्टन ने भविष्यवाणी की कि अगर मौजूदा शासन गिरता है, तो वहां कुछ समय के लिए ‘मिलिट्री सरकार’ आ सकती है, जिसके बाद ही कोई नया संविधान बनेगा.

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Utkarsha SrivastavaChief Sub Editor

उत्कर्षा श्रीवास्तव डिजिटल जर्नलिस्ट हैं और जियो-पॉलिटिक्स टॉपिक्स पर लिखती हैं, वो वर्तमान में News18 Hindi के World सेक्शन में कार्यरत हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में 10+ वर्षों का अनुभव है, इस दौरान उन्होंने क…और पढ़ें

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