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आदिवासियों की जमीन कब्जा करने वालों के विरुद्ध दर्ज होगी एफआईआर

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Published On: January 29, 2026
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आदिवासियों की जमीन कब्जा करने वालों के विरुद्ध दर्ज होगी एफआईआर
– विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, सोनभद्र कोर्ट ने रामपुर बरकोनिया इंस्पेक्टर को दिया आदेश
– सीओ करेंगे मामले की विवेचना, कोर्ट को परिणाम से अवगत कराना होगा

सोनभद्र ब्यूरो चीफ दिनेश उपाध्याय-(ओबरा/सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)डिजिटल भारत न्यूज टुडे नेटवर्क 24×7 LIVE
सोनभद्र। आदिवासियों की जमीन कब्जा करने वालों के विरुद्ध विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र आबिद शमीम की अदालत ने बुधवार को रामपुर बरकोनिया इंस्पेक्टर को एफआईआर दर्ज कर सीओ से मामले की विवेचना कराने व परिणाम से कोर्ट को अवगत कराने का आदेश दिया है। यह आदेश विफनी देवी पत्नी स्वर्गीय हीरा व रामविलास गोड़ पुत्र स्वर्गीय जनकलाल गोड़ निवासीगण बिरनचुआ, थाना रामपुर बरकोनिया, जिला सोनभद्र द्वारा अधिवक्ता सीपी द्विवेदी एवं आनंद ओझा एडवोकेट के जरिए दाखिल 173(4) बीएनएसएस के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने दिया है।दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि अनुसूचित जनजाति की जमीन पर भू माफिया कृष्ण कुमार जायसवाल, रीता जायसवाल निवासी सिद्धि कला थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र हाल पता प्रभात नगर कालोनी नगवां, थाना लंका, जिला वाराणसी, सिंघासन, राजू मौर्य निवासी सिद्धि खुर्द, थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र व सरोज गुप्ता निवासी बीरबन, थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र व 4-5 अन्य व्यक्ति नाम पता अज्ञात 23 नवंबर 2025 को सुबह 9-10 बजे एक ट्रैक्टर मय चालक को लेकर आए और उनकी जमीन जोतकर सरसों बुआने लगे। जब मना किया गया तो जाति सूचक शब्दों से गाली देते हुए जान मारने की धमकी देकर चले गए। घटना को कई लोगों ने देखा, लेकिन डर की वजह से कुछ नहीं बोल पाए।

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इसकी सूचना थाने पर दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 10 दिसंबर 2025 को रजिस्टर्ड डाक से एसपी सोनभद्र को सूचना दी गई, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। तब मजबूर होकर न्यायालय में न्याय के लिए आना पड़ा। जीवन निर्वहन के लिए सिर्फ एकमात्र जमीन ही सहारा है।मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने गम्भीर अपराध मानते हुए, मामले की विवेचना कराया जाना आवश्यक माना। कोर्ट ने रामपुर बरकोनिया इंस्पेक्टर को एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना सीओ से करवाने व परिणाम से न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है।

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