अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 11 भारतीय नागरिकों पर वीजा धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. अमेरिकी संघीय अभियोजकों के मुताबिक इन लोगों ने ग्रीन कार्ड पाने के लिए दुकानों में फर्जी हथियारबंद डकैती की साजिश रची थी. आरोप है कि इन नकली डकैतियों के जरिये दुकान में काम करने वाले लोगों को अपराध का पीड़ित दिखाकर उनके लिए विशेष वीजा हासिल करने की कोशिश की गई.
आरोपियों में 39 वर्षीय जीतेंद्रकुमार पटेल, 36 वर्षीय महेशकुमार पटेल, 45 वर्षीय संजयकुमार पटेल, 40 वर्षीय दीपिकाबेन पटेल, 52 वर्षीय रमेशभाई पटेल, 43 वर्षीय अमिताबहेन पटेल, 28 वर्षीय रौनककुमार पटेल, 36 वर्षीय संगीताबेन पटेल, 42 वर्षीय मिंकेश पटेल, 42 वर्षीय सोनल पटेल और 40 वर्षीय मितुल पटेल शामिल हैं. बताया गया है कि ये सभी लोग अमेरिका के अलग-अलग राज्यों जैसे मैसाचुसेट्स, केंटकी और ओहायो में अवैध रूप से रह रहे थे.
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, मैसाचुसेट्स के वेमाउथ में रह रही दीपिकाबेन पटेल को भारत भेज दिया गया है. वहीं जीतेंद्रकुमार, महेशकुमार, संजयकुमार, अमिताबेन, संगीताबेन और मितुल को मैसाचुसेट्स में गिरफ्तार किया गया था. इन्हें बोस्टन की संघीय अदालत में पेश किया गया, जहां प्रारंभिक सुनवाई के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.
इसके अलावा रमेशभाई, रौनक कुमार, सोनल और मिंकेश को भी गिरफ्तार किया गया है. इनकी शुरुआती पेशी केंटकी, मिसौरी और ओहायो में हुई और बाद में इन्हें बोस्टन की संघीय अदालत में पेश किया जाएगा.
अभियोजन पक्ष के मुताबिक मार्च 2023 में रमेशभाई और उसके साथियों ने मैसाचुसेट्स समेत कई जगहों पर कम से कम छह दुकानों, शराब की दुकानों और फास्ट फूड रेस्टोरेंट में फर्जी हथियारबंद डकैती की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया. इन नकली डकैतियों का मकसद यह था कि वहां काम करने वाले लोग बाद में यह दावा कर सकें कि वे किसी हिंसक अपराध के शिकार हुए हैं.
दरअसल अमेरिका में ‘यू वीजा’ नाम का एक विशेष वीजा होता है, जो उन लोगों को दिया जाता है जो किसी गंभीर अपराध के शिकार हुए हों और जांच में पुलिस की मदद करें. इस वीजा के जरिए व्यक्ति को अमेरिका में काम करने की अनुमति मिलती है और कुछ साल बाद ग्रीन कार्ड पाने का रास्ता भी खुल जाता है. अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने इसी व्यवस्था का गलत फायदा उठाने के लिए फर्जी डकैतियों की साजिश रची थी. मामले की जांच जारी है और दोष साबित होने पर आरोपियों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है.


