वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सिर्फ 48 घंटे का समय दिया है. उन्होंने कहा है कि या तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोल दे या फिर डील के लिए तैयार हो जाए. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो ईरान को इसके बेहद गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के पास समय बहुत कम बचा है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘याद रखें जब मैंने ईरान को डील करने या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए दस दिन दिए थे. अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं, इसके बाद उन पर तबाही का कहर बरपेगा.’
10 दिन की डेडलाइन खत्म होने को, ट्रंप ने कराई ताकीद
- ट्रंप के मुताबिक, तेहरान ने अमेरिका से अनुरोध किया था कि उनके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को सात दिनों के लिए रोक दिया जाए.
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा, ‘ईरानी अधिकारियों ने बिचौलियों के जरिए मुझसे संपर्क किया था. उन्होंने बहुत शालीनता से थोड़ा और वक्त मांगा था. उन्होंने सात दिन मांगे थे, लेकिन मैंने उन्हें 10 दिन दिए क्योंकि उन्होंने मुझे जहाज दिए थे.‘
ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि अगर ईरान जरूरी कदम नहीं उठाता, तो वे उनके पावर प्लांट्स को पूरी तरह तबाह कर देंगे.
TruthSocial पर ट्रंप ने दिखाई आंख.
ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?
ट्रंप का स्टैंड भी इस युद्ध के दौरान कई बार बदला है. पहले उन्होंने तेल की भूमिका को कमतर बताया था, लेकिन बाद में संकेत दिए कि अमेरिका को इससे फायदा हो सकता है. होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी उनके बयानों में काफी विरोधाभास दिखा है.
क्या पाकिस्तान करा पाएगा दोनों देशों में सुलह?
अब अराघची ने साफ किया है कि अमेरिकी मीडिया ईरान के रुख को गलत तरीके से पेश कर रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान पाकिस्तान की कोशिशों का सम्मान करता है और शांति के लिए बातचीत को तैयार है, बशर्ते शर्तें सम्मानजनक हों.
Remember the Western outrage about hostilities near Zaporizhzhia Nuclear Power Plant in Ukraine?
Israel-U.S. have bombed our Bushehr plant four times now. Radioactive fallout will end life in GCC capitals, not Tehran.


