—Advertisement—

‘हैलो बच्चों’ के मुरीद हुए मनोज बाजपेयी, विनीत सिंह की एक्टिंग की जमकर की तारीफ

Author Picture
Published On: March 17, 2026

—Advertisement—

Last Updated:

पिछले साल विक्की कौशल के साथ ‘छावा’ में दिखे विनीत सिंह ने अपने अभिनय से दर्शकों के साथ ही क्रिटिक्स को भी अपनी एक्टिंग का मुरीद बना लिया. अब वो अलख पांडे की जिंदगी पर बनी सीरीज ‘हैलो बच्चों’ में अलख के किरदार में नजर आ रहे हैं. नेटफ्लिक्स की इस 5 एपिसोड की सीरीज में विनीत सिंह का अभिनय देख मनोज बाजपेयी भी उनके मुरीद हो गए हैं.

Zoom

मनोज बाजपेयी ने विनीत सिंह की तारीफ की.

नई दिल्ली.  मनोरंजन जगत में जब एक मंझा हुआ कलाकार दूसरे के काम की तारीफ करता है, तो वह न केवल उस कलाकार का उत्साह बढ़ाता है, बल्कि दर्शकों को भी एक बेहतरीन कंटेंट देखने के लिए प्रेरित करता है. हाल ही में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी ने कुछ ऐसा ही किया. उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए विनीत कुमार सिंह की हालिया रिलीज वेब सीरीज ‘हैलो बच्चों’ के प्रति अपना प्रेम और सपोर्ट व्यक्त किया है.

मनोज बाजपेयी ने ‘हैलो बच्चों’ का एक क्लिप साझा करते हुए विनीत कुमार सिंह और पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने सीरीज को प्रेरणादायक और दिल को छू लेने वाली बताया. मनोज जैसे अभिनेता की तरफ से मिली यह तारीफ सीरीज की लोकप्रियता में चार चांद लगाने का काम कर रही है. 6 मार्च को रिलीज हुई यह सीरीज दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.

एक साधारण टीचर से ‘फिजिक्सवाला’ तक का सफर

‘द वायरल फीवर’ (TVF) द्वारा निर्मित यह पांच एपिसोड की वेब सीरीज एडटेक जगत के दिग्गज अलख पांडे के जीवन पर आधारित है. सीरीज में विनीत कुमार सिंह ने अलख पांडे का किरदार निभाया है. कहानी प्रयागराज के एक साधारण टीचर के उन संघर्षों को दिखाती है, जिसने तमाम वित्तीय बाधाओं और चुनौतियों का सामना करते हुए छात्रों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का सपना देखा.

मनोज बाजपेयी का पोस्ट

सीरीज का नाम ‘हैलो बच्चों’ रखने के पीछे का कारण भी काफी दिलचस्प है. अलख पांडे अपनी क्लासेस की शुरुआत बरसों से इसी वाक्य से करते आ रहे हैं. इस सीरीज में विनीत कुमार के अलावा विक्रम कोचर ने प्रतीक महेश्वरी के रूप में और गिरिजा ओक गोडबोले ने भी अपनी दमदार भूमिकाओं से जान फूंक दी है.

क्यों खास है यह कहानी?

सीरीज ‘हैलो बच्चों’ सिर्फ एक व्यक्ति की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन लाखों छात्रों की उम्मीद की किरण है, जो महंगी कोचिंग फीस के कारण अपने सपनों को पूरा करने से वंचित रह जाते थे. निर्देशक ने बहुत ही भावुक और प्रभावी ढंग से यह दिखाया है कि कैसे ऑनलाइन एजुकेशन ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला दी है.

About the Author

authorimg

Pranjul Singh

प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें

Related News
Home
Facebook
Telegram
X