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हवा में झूलती ट्रॉलियां, जमीन पर इतिहास! देखा है बोकारो का ये गजब रोपवे, अनोखी है कहानी

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Published On: May 6, 2026

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Bokaro ka purana ropeway : स्थानीय ग्रामीण गोपाल महतो उन दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि इस रोपवे की नींव 1968-69 में रखी गई थी और 1971 में काम पूरा हुआ था. उस समय जमीन अधिग्रहण के दौरान कई स्थानीय लोगों को नौकरी भी मिली थी, जिससे यह परियोजना उनकी यादों में आज भी जिंदा है और इस रोपवे परियोजना का निर्माण जोसेफ कंपनी द्वारा करीबन 14 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था.

​Bokaro ka purana ropeway : स्थानीय ग्रामीण गोपाल महतो उन दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि इस रोपवे की नींव 1968-69 में रखी गई थी और 1971 में काम पूरा हुआ था. उस समय जमीन अधिग्रहण के दौरान कई स्थानीय लोगों को नौकरी भी मिली थी, जिससे यह परियोजना उनकी यादों में आज भी जिंदा है और इस रोपवे परियोजना का निर्माण जोसेफ कंपनी द्वारा करीबन 14 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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