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रणदीप हुड्डा ने ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए 32 किलो वजन घटाया, प्रॉपर्टी बेची, रिसर्च कर खुद स्क्रिप्ट लिखी और महेश मांजरेकर के हटने पर फिल्म डायरेक्ट की. उन्होंने बताया कि फिल्म की स्क्रिप्ट 3 दिन में ही लिख ली. उन्होंने कहा कि 12-12 घंटे काम किया था. उन्हें कई लोगों ने सलाह दी थी कि फिल्म न बनाए.
फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ का पोस्टर.
मुंबई. एक्टर रणदीप हुड्डा की पहली डायरेक्टर फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ को रिलीज हुए 2 साल पूरे हो चुके हैं. रणदीप ने न सिर्फ शारीरिक और मानसिक रूप से, बल्कि फिल्म को पूरा करने के लिए रणदीप हुड्डा ने अपनी प्रॉपर्टी का कुछ हिस्सा भी बेच दिया था. आज हम फिल्म से जुड़े कुछ अनसुने किस्सों के बारे में बताएंगे.’स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ में वीर सावरकर के किरदार को पूरी तरह से निभाने के लिए अभिनेता ने शारीरिक और मानसिक रूप से खुद में बड़े बदलाव लाए थे. काला पानी की सजा के दौरान सावरकर की दशा को दिखाने के लिए उन्होंने 32 किलो वजन कम किया था और एक दिन में एक बार ही खाते थे. वे खुद को अंधेरे कमरे में भी बंद रखते थे, ताकि किरदार की भावनाओं को पर्दे पर उतार सकें.
फिल्म बनाने से पहले रणदीप हुड्डा ने बहुत रिसर्च की थी और पाया था कि सावरकर को लेकर अंग्रेजी किताबों में कुछ खास जानकारी नहीं थी, उनका क्या योगदान था, यह कहीं भी नहीं लिखा. इसलिए रणदीप ने अलग- अलग किताबों को पढ़ना शुरू किया और टूटी-फूटी स्क्रिप्ट तैयार की लेकिन फिल्म बनाने के लिए स्क्रिप्ट के साथ संवाद भी जरूरी था. जिसके लिए अभिनेता ने अपने को-राइटर के साथ मिलकर 3 दिन में पूरी स्क्रिप्ट लिखकर तैयार कर दी थी. वो रोजाना 12-12 घंटे काम करते थे.
रणदीप हुड्डा को मिली थी फिल्म नहीं बनाने की सलाह
बहुत कम लोग जानते हैं कि ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ की बायोपिक बनाते समय कई लोगों ने रणदीप को चेताया था कि वह ऐसी फिल्म न करें, क्योंकि यह उनके करियर को प्रभावित कर सकती है. रणदीप ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि कुछ शुभचिंतकों ने फिल्म न करने की सलाह दी थी, लेकिन फिर मुझे लगा कि इतने लोग मना कर रहे हैं तो अब तो फिल्म करनी ही पड़ेगी. अभिनेता ने फिल्म में अपना तन, मन, और धन तीनों लगा दिया.
रणदीप हुड्डा को नहीं मिला इंडस्ट्री से सपोर्ट
फिल्म रिलीज के साथ विवादों में रही. फिल्म का कलेक्शन बहुत कम था. इस फिल्म के दौरान रणदीप हुड्डा को बॉलीवुड से भी सपोर्ट नहीं मिला था और फिल्म को महेश मांजरेकर ने बीच में छोड़ दिया था. रचनात्मक मतभेद होने की वजह से महेश ने फिल्म को डायरेक्ट करने से मना कर दिया था, लेकिन सिर्फ अभिनेता ने फिल्म को खुद डायरेक्ट करने का फैसला किया था.
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रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें


