विंढमगंज (सोनभद्र)
विंढमगंज क्षेत्र के सलैयाडीह स्थित सरकारी क्रय-विक्रय समिति में खाद वितरण को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा बोरी का निर्धारित रेट ₹266.50 होने के बावजूद समिति के सचिव सुरेश प्रसाद यादव द्वारा खाद को झारखंड में ₹400 से ₹500 प्रति बोरी के दाम पर बेचा जा रहा है। आरोप है कि अधिक लाभ के उद्देश्य से स्थानीय किसानों की अनदेखी की जा रही है।
मौके पर खुद सचिव मैजूद (फ़ाइल फ़ोटो)
स्थानीय किसानों के अनुसार विंढमगंज व आसपास के क्षेत्रों के किसानों को खाद लेने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यदि सोनभद्र जिले का कोई किसान खाद लेने आता है तो उसे लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ता है और ₹300 में यूरिया लेने के साथ-साथ ₹100 का जिंक पाउडर जबरन दिया जा रहा है। किसान बताते हैं कि जिंक पाउडर उनकी आवश्यकता के अनुसार नहीं होता, फिर भी इसे “लिंक” के रूप में अनिवार्य कर दिया गया है।
किसानों का आरोप है कि यदि कोई किसान जिंक पाउडर लेने से मना करता है तो उसे यूरिया देने से इनकार कर दिया जाता है। यह नियम स्वयं सचिव सुरेश प्रसाद यादव द्वारा समिति की दुकान पर लागू किया गया है, जिससे किसानों में भारी रोष व्याप्त है।
किसानों का कहना है कि खाद जैसी आवश्यक कृषि सामग्री की इस तरह कालाबाजारी और जबरन बिक्री न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग के किसानों के साथ अन्याय भी है। किसानों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें समय पर उचित दर पर खाद उपलब्ध हो सके और खेती प्रभावित न हो।
