RAS 63rd Rank Holder Pawan Prajapat : बाड़मेर के छोटे से गांव भीमड़ा के रहने वाले पवन प्रजापत की सफलता की कहानी संघर्ष, मेहनत और जिद का शानदार उदाहरण है. बचपन में घर चलाने के लिए सब्जियां बेचने वाले पवन ने कभी अपने सपनों को मरने नहीं दिया. आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी और एक के बाद एक सरकारी नौकरियां हासिल कीं. चपरासी, गनमैन, पटवारी और ERO जैसे पदों पर काम करते हुए उन्होंने अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा. कई बार असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार RAS 2024 परीक्षा में 63वीं रैंक हासिल कर बड़ी सफलता प्राप्त की. पवन की यह यात्रा न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है, जो बताती है कि कठिन हालात भी मजबूत इरादों के आगे टिक नहीं पाते.
RAS 63rd Rank Holder Pawan Prajapat : बाड़मेर के छोटे से गांव भीमड़ा के रहने वाले पवन प्रजापत की सफलता की कहानी संघर्ष, मेहनत और जिद का शानदार उदाहरण है. बचपन में घर चलाने के लिए सब्जियां बेचने वाले पवन ने कभी अपने सपनों को मरने नहीं दिया. आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी और एक के बाद एक सरकारी नौकरियां हासिल कीं. चपरासी, गनमैन, पटवारी और ERO जैसे पदों पर काम करते हुए उन्होंने अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा. कई बार असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार RAS 2024 परीक्षा में 63वीं रैंक हासिल कर बड़ी सफलता प्राप्त की. पवन की यह यात्रा न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है, जो बताती है कि कठिन हालात भी मजबूत इरादों के आगे टिक नहीं पाते.












