नई दिल्ली. ग्लोबल मार्केट में जारी उठापटक और टैरिफ युद्ध के बीच शेयर बाजार में अनिश्चितता और जोखिम का माहौल बढ़ता ही जा रहा है. दूसरी ओर, सुरक्षित मानी जाने वाली सोने-चांदी जैसी धातुओं की कीमत आसमान से भी पार जा चुकी है. ऐसे में छोटे और खुदरा निवेशकों के लिए पैसे लगाने का आसान विकल्प कम हो गया है. निवेशकों की इस स्थिति को देखते हुए आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने दो स्पेशल निवेश फंड लॉन्च किए हैं. इस न्यू फंड ऑफर की शुरुआत तो 16 जनवरी से हो चुकी है, लेकिन इसमें 30 जनवरी तक पैसा लगाया जा सकता है.
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने अपने स्पेशलाइज़्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIF) सेगमेंट के तहत iSIF इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फंड और iSIF हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड लॉन्च किया है. यह विकल्प उन निवेशकों के लिए तैयार किया गया है, जो ऐसे माहौल में ज्यादा लचीला पोर्टफोलियो चाहते हैं. जब बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव हो, लीडरशिप बदल रही हो और वोलैटिलिटी ज्यादा हो तब ऐसे फंड निवेशकों को स्थिर और कम जोखिम के साथ रिटर्न दे सकते हैं.
स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIFs) की जरूरत क्यों
म्यूचुअल फंड और PMS/AIF प्रोडक्ट्स के बीच मौजूद स्ट्रक्चरल गैप को पाटने के लिए सेबी ने स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स का फ्रेमवर्क पेश किया, जिसमें प्रति पैन प्रति SIF न्यूनतम निवेश सीमा 10 लाख रुपये रखी गई है. SIFs को एक मिडल ग्राउंड के तौर पर पेश किया गया है, जो म्यूचुअल फंड्स की पारदर्शिता और रेगुलेटरी निगरानी को ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी के साथ जोड़ता है. इसमें लॉन्ग-शॉर्ट रणनीतियों और तय सीमा तक अनहेज्ड डेरिवेटिव्स के इस्तेमाल की भी अनुमति होती है.
क्या बोले शंकरन नरेन
लॉन्च के मौके पर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के ईडी और सीआईओ संकरन नरेन ने कहा कि iSIF सेगमेंट के जरिये हम निवेशकों को ऐसी अलग और खास निवेश रणनीतियां दे रहे हैं, जो लॉन्ग-शॉर्ट निवेश रणनीतियों के तहत अनुमति प्राप्त तरीकों का इस्तेमाल करते हुए बदलते बाजार हालात के साथ खुद को ढाल सकती हैं. हमारा मकसद अलग-अलग मार्केट साइकिल्स में बेहतर रिस्क-एडजस्टेड नतीजे देना है.
क्या है iSIF इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फंड
iSIF इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फंड एक ओपन-एंडेड निवेश रणनीति है, जो इक्विटी और इक्विटी से जुड़े साधनों में निवेश करती है. इसमें एक्स-टॉप 100 शेयरों में डेरिवेटिव्स के जरिये सीमित शॉर्ट एक्सपोजर भी लिया जाता है. एक्स-टॉप 100 शेयरों का मतलब उन सभी कंपनियों से है, जो AMFI द्वारा चिन्हित और घोषित लार्ज-कैप कंपनियों के अलावा आती हैं. यह निवेश रणनीति मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में मौजूद ग्रोथ के अवसरों का फायदा उठाने की कोशिश करती है. साथ ही लॉन्ग-शॉर्ट पोजिशन और डेरिवेटिव रणनीतियों के जरिये इन शेयरों की स्वाभाविक अधिक उतार-चढ़ाव वाली प्रकृति को संभालने की कोशिश करती है.
मजबूत आधार वाली कंपनियों पर जोर
यह निवेश रणनीति मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों में लॉन्ग पोजिशन लेती है और चुनिंदा रूप से ज्यादा महंगे वैल्यूएशन वाले शेयरों में शॉर्ट पोजिशन बनाती है, ताकि पूरे बाजार में मौजूद अवसरों में भागीदारी की जा सके और नीचे की तरफ के जोखिम को कम किया जा सके. इसमें बॉटम-अप स्टॉक सेलेक्शन अप्रोच अपनाई जाती है, जिसे अलग-अलग सेक्टर्स में की गई गहन इन-हाउस रिसर्च का समर्थन मिलता है. हालांकि, एसेट एलोकेशन और निवेश का तरीका इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी इन्फॉर्मेशन डॉक्यूमेंट के अनुसार ही होगा. इस ऑफरिंग का बेंचमार्क निफ्टी 500 TRI है.
क्या होता है iSIF हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड
iSIF हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड एक इंटरवल निवेश रणनीति है, जो इक्विटी और डेट सिक्योरिटीज में निवेश करती है. इसमें इक्विटी और डेट दोनों में डेरिवेटिव्स के जरिये सीमित शॉर्ट एक्सपोजर भी शामिल है. यह फंड लॉन्ग-शॉर्ट इक्विटी पोजीशन, फिक्स्ड इनकम निवेश और डेरिवेटिव रणनीतियों को मिलाकर ऐसे रिटर्न देने की कोशिश करता है, जो बाजार की कुल दिशा चाहे जैसी भी हो, अपेक्षाकृत स्थिर रहें.
कैसे काम करती है यह रणनीति
यह निवेश रणनीति बाजार के वैल्यूएशन, ट्रेंड्स और आंतरिक मॉडल्स के आधार पर नेट इक्विटी एक्सपोजर को सक्रिय रूप से एडजस्ट करके वोलैटिलिटी को मैनेज करने का लक्ष्य रखती है. साथ ही यह IPO, QIP, बायबैक और टैक्टिकल डेट जैसे स्पेशल सिचुएशन में भी हिस्सेदारी करती है. एसेट एलोकेशन और लॉन्ग-शॉर्ट रणनीतियों के इस मिश्रण के जरिये यह निवेश रणनीति मध्यम से लंबी अवधि में बेहतर रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न देने का प्रयास करती है. हालांकि, एसेट एलोकेशन और निवेश का तरीका इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी इन्फॉर्मेशन डॉक्यूमेंट के अनुसार ही होगा. इस ऑफरिंग का बेंचमार्क CRISIL हाइब्रिड 50+50 मॉडरेट इंडेक्स है.
अल्फा रिटर्न हासिल करने की क्या रणनीति
- स्टॉक और सेक्टर का चयन : बाजार के आउटलुक, आपसी वैल्यूएशन और मजबूत फंडामेंटल समझ के आधार पर स्टॉक्स और सेक्टर्स में सक्रिय रूप से निवेश का फैसला किया जाता है.
- कैरी आधारित डेट रणनीतियां : कॉरपोरेट बॉन्ड, कमर्शियल पेपर्स (CP) और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CD) जैसे कैरी पर आधारित डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाता है.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)


