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वो सुपरस्टार, जिनकी फिल्मों पर 70s में प्रधानमंत्री ने लगा दिया था बैन, सरकार के खिलाफत में बनाई थी खुद की पार्टी

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Published On: May 1, 2026

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बॉलीवुड के एवरग्रीन स्टार देव आनंद के गुजरे हुए 15 साल बीत चुके हैं. वह अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने के लिए मशहूर थे. आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें आज भी उनके चाहने वालों के दिलों में जिंदा हैं. कहा जाता है कि वह बहुत पक्के इरादे वाले इंसान थे. जब 1975 में इमरजेंसी लगी तो उन्होंने सरकार का साथ देने के बजाय डेमोक्रेसी को सपोर्ट करना चुना. उन्होंने दूरदर्शन पर इमरजेंसी के सपोर्ट में बोलने से साफ मना कर दिया, जिसके चलते उनकी फिल्मों के टीवी ब्रॉडकास्ट पर बैन लगा दिया गया. अपनी आइडियोलॉजी को डिफेंड करने के लिए उन्होंने नेशनल पार्टी ऑफ इंडिया नाम की एक पार्टी भी बनाई.बॉलीवुड के एवरग्रीन स्टार देव आनंद के गुजरे हुए 15 साल बीत चुके हैं. वह अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने के लिए मशहूर थे. आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें आज भी उनके चाहने वालों के दिलों में जिंदा हैं. कहा जाता है कि वह बहुत पक्के इरादे वाले इंसान थे. जब 1975 में इमरजेंसी लगी तो उन्होंने सरकार का साथ देने के बजाय डेमोक्रेसी को सपोर्ट करना चुना. उन्होंने दूरदर्शन पर इमरजेंसी के सपोर्ट में बोलने से साफ मना कर दिया, जिसके चलते उनकी फिल्मों के टीवी ब्रॉडकास्ट पर बैन लगा दिया गया. अपनी आइडियोलॉजी को डिफेंड करने के लिए उन्होंने नेशनल पार्टी ऑफ इंडिया नाम की एक पार्टी भी बनाई.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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