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विंढमगंज स्टेशन पर स्वर्ण जयंती व रांची–चोपन एक्सप्रेस के ठहराव की उम्मीद मजबूत

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Published On: December 20, 2025

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विंढमगंज स्टेशन पर स्वर्ण जयंती व रांची–चोपन एक्सप्रेस के ठहराव की उम्मीद मजबूत

सोनभद्र सांसद सहित झारखंड के सांसदों ने नई ट्रेन संचालन व ठहराव का उठाया मुद्दा

 

 

 

विंढमगंज/सोनभद्र विंढमगंज रेलवे स्टेशन पर स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस एवं रांची–चोपन एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर रेल रोको संघर्ष समिति के अथक प्रयास से क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। इस दिशा में तब बड़ी पहल हुई, जब राज्यसभा सांसद श्री मिथिलेश कुमार कठेरिया ने माननीय रेल मंत्री भारत सरकार को पत्र लिखकर इन ट्रेनों के अप एवं डाउन ठहराव की स्वीकृति देने का आग्रह किया,पत्र में सांसद ने उल्लेख किया कि विंढमगंज रेलवे स्टेशन उत्तर प्रदेश–झारखंड की सीमा पर स्थित एक महत्वपूर्ण रेलवे केंद्र है, जहां से प्रतिदिन दोनों राज्यों के हजारों यात्री आवागमन करते हैं। स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की पर्याप्त लंबाई, सिग्नलिंग सिस्टम, सुरक्षा व्यवस्था तथा यात्री सुविधाएं मानकों के अनुरूप उपलब्ध हैं, जिससे ट्रेनों के ठहराव में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा नहीं है।इसी क्रम में रेलवे बोर्ड एवं रेल मंत्रालय के सदस्य श्री कृष्णा गौतम तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष ने रेलवे के सीईओ से मुलाकात कर नई ट्रेन संचालन एवं प्रमुख ट्रेनों के ठहराव का मुद्दा प्रभावी ढंग से रखा। इस पर रेलवे प्रशासन की ओर से शीघ्र सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया गया है।खास बात यह है कि सोनभद्र सांसद सहित झारखंड राज्य के चार सांसदों ने भी अपने-अपने स्तर से रेल मंत्रालय के समक्ष नई ट्रेन संचालन रांची डालटेनगंज विंढ़मगंज रेणुकूट चोपन वाराणसी लखनऊ तक नई ट्रेन तथा विंढमगंज सीमावर्ती स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया है। सांसदों का कहना है कि यह क्षेत्र आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल है, जहां के लोगों को रांची, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, चोपन सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सुविधा की सख्त आवश्यकता है।इन संयुक्त प्रयासों से स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस सहित अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव एवं नई ट्रेन संचालन की संभावना प्रबल हो गई है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें रेल मंत्रालय के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।

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