—Advertisement—

लियोनेल मेसी गंभीर बीमारी का थे शिकार…नेपकिन पर कॉन्ट्रैक्ट हुआ साइन, जानें दिग्गज की उतार चढ़ाव भरी शुरुआत – lionel messi has faced a lot of troubles before winning the title of fifa world cup 2022

Author Picture
Published On: March 20, 2026

—Advertisement—

Last Updated:

फीफा वर्ल्ड कप का समापन हो चुका है. लियोनल मेसी ने अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप खिताब जिताने का अपना सपना पूरा कर लिया है. हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने के लिए दिग्गज खिलाड़ी को काफी उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ा है.

Zoom

लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना को फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीताकर अपना सपना पूरा कर लिया है. (AP)

नई दिल्ली. फीफा वर्ल्ड कप (Fifa World Cup 2022) का अंत शानदार तरीके से हुआ. ट्रॉफी उस टीम के हाथों में आई, जिसे पिछले 36 साल से इंतजार था. अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी (Lionel Messi) से हर कोई वाकिफ है. इस खिलाड़ी ने रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी है. वहीं, फाइनल में भी मेसी का जादू देखने को मिला. लुसैन स्टेडियम की गूंज से अंदाजा लगाया जा सकता था कि मेसी की टीम ने एड़ी तक का जोर लगाकर ट्रॉफी को अपने नाम किया है. मेसी का सपना तो पूरा हो गया लेकिन इस खिलाड़ी को यहां तक पहुंचने के लिए कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा है.

दरअसल, मेसी जब 13 वर्ष के थे तब तक वह ग्रोथ हार्मोन डेफिशिएंसी की बीमारी से ग्रसित थे. इतना ही नहीं, डाक्टर्स ने इस फुटबॉल के जादूगर को गेम से दूर रहने को कह दिया था. इस बीमारी से पीड़ित बच्चे की ग्रोथ होना रुक जाती है. लेकिन मेसी के टेलेंट से बर्सिलोना क्लब अच्छी तरह से वाकिफ था. नेवल्स ओल्ड बॉय क्लब द्वारा इस बात की जानकारी बर्सिलोना तक पहुंची. उस दौरान दिग्गज खिलाड़ी की पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं थी. जिसके कारण इस बीमारी का इलाज करवाना उनके लिए संभव नहीं था.

हर महीने चाहिए थे 1000 डॉलर

इस बीमारी के इलाज के लिए हर महीने एक हजार डॉलर की आवश्यकता होती थी. बर्सिलोना क्लब द्वारा मेसी के इलाज का फैसला लिया गया. लेकिन उन्होंने दिग्गज खिलाड़ी के परिवार के सामने एक शर्त रखी, कि सभी लोग यूरोप में बस जाएं. जिसके बाद मेसी परिवार के साथ यूरोप चले गए. इस कॉन्ट्रैक्ट को नेपकिन पर साइन किया गया था. वहीं, अब इस खिलाड़ी ने अर्जेंटीना को खिताब दिलाने का सपना पूरा कर दिया है. 1986 के बाद इस देश में एक बार फिर खुशी की लहर उठ चुकी है.

गोल्डन बूट से एक कदम पीछे रह गए मेसी

फाइनल में महामुकाबला सिर्फ फ्रांस और अर्जेंटीना के बीच देखने को नहीं मिला बल्कि एम्बापे और मेसी के बीच भी शानदार प्रतिस्पर्धा देखी गई. दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे को शानदार तरीके से टक्कर दी. एम्बापे ने हैट्रिक लगाकर मेसी को पछाड़ दिया. जिसके बाद ट्रॉफी मेसी के हाथों में दिखी और गोल्डन बूट एम्बापे के हाथ में. इस टूर्नामेंट में मेसी ने 7 गोल किए जबकि एम्बापे ने 8 गोल कर सभी को अपने प्रदर्शन से हैरान किया. अर्जेंटीना ने पेनल्टी शूट में फ्रांस को 4-2 से शिकस्त देकर अपने पूराने घाव भर लिए हैं.

Related News
Home
Facebook
Telegram
X