धार्मिक विद्वान वरुण दास बताते हैं कि अयोध्या में स्थित वासुदेव घाट का उल्लेख स्थानीय धार्मिक परंपराओं और संतों की कथाओं में मिलता है. मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण जब विभिन्न तीर्थों के दर्शन हेतु निकले थे, तब उन्होंने रुक्मणी जी के साथ सरयू तट पर पहुंचकर इस घाट पर स्नान किया और भगवान श्रीराम की नगरी को प्रणाम किया. इसी घटना के बाद इस स्थान का महत्व और अधिक बढ़ गया.
धार्मिक विद्वान वरुण दास बताते हैं कि अयोध्या में स्थित वासुदेव घाट का उल्लेख स्थानीय धार्मिक परंपराओं और संतों की कथाओं में मिलता है. मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण जब विभिन्न तीर्थों के दर्शन हेतु निकले थे, तब उन्होंने रुक्मणी जी के साथ सरयू तट पर पहुंचकर इस घाट पर स्नान किया और भगवान श्रीराम की नगरी को प्रणाम किया. इसी घटना के बाद इस स्थान का महत्व और अधिक बढ़ गया.








