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यह बिल महिलाओं के लिए नहीं… महिला आरक्षण पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले- असल खेल कुछ और है

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Published On: April 17, 2026

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Rahul Gandhi on Women Reservation Bill:लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस बिल को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और इसके पीछे की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए. राहुल गांधी ने कहा कि यह बिल सिर्फ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नहीं लाया गया है, बल्कि इसके जरिए देश के चुनावी ढांचे और राजनीतिक नक्शे को बदलने की कोशिश की जा रही है. उनके मुताबिक, असली मुद्दा प्रतिनिधित्व का संतुलन है, जिसे लेकर लंबे समय से बहस चलती रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि 2023 में महिला आरक्षण बिल पास तो हो गया था, लेकिन इसे लागू करने में करीब 10 साल का समय तय किया गया है, जिस पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. राहुल गांधी का कहना था कि अगर सरकार की मंशा साफ होती, तो इसे तुरंत लागू किया जा सकता था. अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि देश में ओबीसी, दलित और अन्य वंचित समुदायों के साथ ऐतिहासिक रूप से अन्याय हुआ है और आज भी राजनीतिक प्रतिनिधित्व के स्तर पर उन्हें उचित जगह नहीं मिल पा रही है. उनके अनुसार, इस बिल के मौजूदा स्वरूप से इन समुदायों के हाशिए पर जाने का खतरा बढ़ सकता है. राहुल गांधी ने आगे कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण को लेकर गंभीर होती, तो विपक्ष भी बिना किसी देरी के इसका समर्थन करता. लेकिन उनके मुताबिक, इस पूरे मामले में ‘असली मंशा’ कुछ और दिखाई देती है.

​Rahul Gandhi on Women Reservation Bill:लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस बिल को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और इसके पीछे की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए. राहुल गांधी ने कहा कि यह बिल सिर्फ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नहीं लाया गया है, बल्कि इसके जरिए देश के चुनावी ढांचे और राजनीतिक नक्शे को बदलने की कोशिश की जा रही है. उनके मुताबिक, असली मुद्दा प्रतिनिधित्व का संतुलन है, जिसे लेकर लंबे समय से बहस चलती रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि 2023 में महिला आरक्षण बिल पास तो हो गया था, लेकिन इसे लागू करने में करीब 10 साल का समय तय किया गया है, जिस पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. राहुल गांधी का कहना था कि अगर सरकार की मंशा साफ होती, तो इसे तुरंत लागू किया जा सकता था. अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि देश में ओबीसी, दलित और अन्य वंचित समुदायों के साथ ऐतिहासिक रूप से अन्याय हुआ है और आज भी राजनीतिक प्रतिनिधित्व के स्तर पर उन्हें उचित जगह नहीं मिल पा रही है. उनके अनुसार, इस बिल के मौजूदा स्वरूप से इन समुदायों के हाशिए पर जाने का खतरा बढ़ सकता है. राहुल गांधी ने आगे कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण को लेकर गंभीर होती, तो विपक्ष भी बिना किसी देरी के इसका समर्थन करता. लेकिन उनके मुताबिक, इस पूरे मामले में ‘असली मंशा’ कुछ और दिखाई देती है.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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