नई दिल्ली. मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर दुनिया भर में असमंजस की स्थिति है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को मोजतबा के गंभीर रूप से घायल होने या मारे जाने की ओर इशारा किया है. ट्रंप ने कहा कि कोई भी ऐसा शख्स नहीं है जो यह बोल रहा हो कि मोजतबा पूरी तरह स्वस्थ्य है. वहीं, ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत अमेरिकी सेना ने स्ट्रैट ऑफ होर्मुज में ईरानी नौसेना का नामोनिशान मिटा दिया है. उनके 30 जहाज पानी में डुबो दिए गए हैं.
ईरान जंग के बीच 8 मार्च 2026 को आधिकारिक रूप से कमान संभालने वाले मोजतबा खामेनेई पिछले कई दिनों से सार्वजनिक मंच से नदारद हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने उनकी सेहत पर टिप्पणी करते हुए कहा:
“बहुत से लोग कह रहे हैं कि वह बुरी तरह विकृत (Disfigured) हो चुके हैं और उन्होंने अपना पैर खो दिया है. कुछ लोग तो उनके मारे जाने की बात कह रहे हैं. हकीकत यह है कि कोई भी उन्हें 100% स्वस्थ नहीं बता रहा है और मोजतबा ने पद संभालने के बाद से अब तक एक शब्द भी नहीं बोला है.”
ट्रंप के इस बयान ने उन दावों को हवा दे दी है कि पिछले दिनों तेहरान में हुए अमेरिकी हवाई हमलों में मोजतबा को भारी नुकसान पहुंचा है.
30 माइन-लेइंग जहाज तबाह
रणनीतिक मोर्चे पर ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की ‘बैकबोन’ तोड़ दी है. ट्रंप के अनुसार:
· 30+ जहाज नष्ट: समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने वाले ईरान के 30 से अधिक विशेष जहाजों को पूरी तरह डुबो दिया गया है.
· 100 नौसैनिक पोत स्वाहा: समग्र रूप से ईरानी नौसेना के 100 से अधिक वेसल्स अब समंदर की गहराई में हैं.
· मिसाइल-ड्रोन क्षमता ठप: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चिंग में 90% और ड्रोन हमलों में 95% की ऐतिहासिक गिरावट आई है.
ट्रंप ने साफ कर दिया कि अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान के 7,000 से अधिक सैन्य ठिकानों पर अचूक प्रहार किए हैं, जिससे ईरान की युद्ध लड़ने की क्षमता लगभग पंगु हो गई है.
ईरान के समुद्री जाल का खात्मा
सोमवार को कैनेडी सेंटर बोर्ड के सदस्यों के साथ होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले पत्रकारों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने इस सैन्य सफलता की विस्तृत जानकारी साझा की. ट्रंप ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में कहा, “हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों को धमकाने की ईरान की क्षमता पर लगातार कड़े प्रहार कर रहे हैं. इसी के तहत 30 से अधिक माइन-लेइंग जहाजों को नष्ट कर दिया गया है.”
माइन-लेइंग जहाज वे विशेष सैन्य पोत होते हैं जिनका इस्तेमाल समुद्र के पानी के भीतर खतरनाक बारूदी माइंस बिछाने के लिए किया जाता है. इन सुरंगों का मकसद उस रास्ते से गुजरने वाले दुश्मन देशों के युद्धपोतों या आम व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना होता है. राष्ट्रपति ट्रंप ने पूरी आश्वस्ति के साथ कहा, “हमारी सर्वोत्तम जानकारी के अनुसार, हमने उनके सभी माइन-लेइंग जहाजों को मार गिराया है. हालांकि अब वे इन बारूदी सुरंगों को बिछाने के लिए अन्य प्रकार के जहाजों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकते हैं.”
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का महाविनाश
होर्मुज में इन जहाजों को नष्ट करना दरअसल अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे उस बेहद व्यापक और आक्रामक सैन्य अभियान का हिस्सा है, जिसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का नाम दिया गया है. ट्रंप ने इस पूरे ऑपरेशन के चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं, जो बताते हैं कि इस युद्ध में ईरान को कितना भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इस सैन्य अभियान के शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर कहर बरपाया है और उनकी युद्ध लड़ने की क्षमता को जड़ से हिला दिया है. राष्ट्रपति के दावों के अनुसार, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अब तक ईरान के 7,000 से अधिक सैन्य ठिकानों (टारगेट्स) पर अचूक हमले किए जा चुके हैं. इतनी बड़ी संख्या में ठिकानों का नष्ट होना ईरान के सैन्य और रणनीतिक बुनियादी ढांचे के लिए एक बहुत बड़ा झटका है.


