यह याचिका मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी की ओर से दायर की गई है. इसमें हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें विवादित भोजशाला परिसर का सेल्फ-इंस्पेक्शन करने की अनुमति दी गई थी. साथ ही, धार्मिक स्वरूप तय करने के लिए 2 अप्रैल से नियमित सुनवाई भी तय की गई है.
यह याचिका मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी की ओर से दायर की गई है. इसमें हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें विवादित भोजशाला परिसर का सेल्फ-इंस्पेक्शन करने की अनुमति दी गई थी. साथ ही, धार्मिक स्वरूप तय करने के लिए 2 अप्रैल से नियमित सुनवाई भी तय की गई है.


