Flute Baba Bokaro: बांसुरी बाबा जेठु बताते हैं कि वह पिछले करीब 20 सालों से भक्ति संगीत में बांसुरी बजा रहे हैं. उन्होंने यह कला कहीं से सीखी नहीं, बल्कि यह मां सरस्वती की देन हैं. तभी से वह रोजाना पैदल चलकर बांसुरी बजाकर भक्ति और साधना में लगे हुए हैं. वह चाहते हैं कि लोग आखिर तक उन्हें बांसुरी बाबा के नाम से ही याद रखें.
Flute Baba Bokaro: बांसुरी बाबा जेठु बताते हैं कि वह पिछले करीब 20 सालों से भक्ति संगीत में बांसुरी बजा रहे हैं. उन्होंने यह कला कहीं से सीखी नहीं, बल्कि यह मां सरस्वती की देन हैं. तभी से वह रोजाना पैदल चलकर बांसुरी बजाकर भक्ति और साधना में लगे हुए हैं. वह चाहते हैं कि लोग आखिर तक उन्हें बांसुरी बाबा के नाम से ही याद रखें.












