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एक्ट्रेस संध्या मृदुल के करियर का सफर साबित करता है कि हुनर स्क्रीन टाइम का मोहताज नहीं होता. कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ अभिनय में आईं संध्या को टीवी शो ‘स्वाभिमान’ से पहचान मिली, लेकिन फिल्म ‘साथिया’ में रानी मुखर्जी की बहन के छोटे से किरदार ने उनकी किस्मत बदल दी. इसके बाद, उन्होंने ‘पेज 3’ में अपनी दमदार एक्टिंग के लिए ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस’ का सम्मान पाया.
छोटे किरदारों में जान फूंकने वाली एक्ट्रेस संध्या मृदुल (फोटो साभार: IANS)
नई दिल्ली: फिल्मी चकाचौंध में अक्सर माना जाता है कि हीरो-हीरोइन बनना ही कामयाबी है, लेकिन संध्या मृदुल जैसी अदाकाराओं ने साबित किया है कि अगर हुनर हो, तो चंद मिनटों का रोल भी इतिहास रच सकता है. मुंबई में जन्मीं और दिल्ली-जयपुर में पली-बढ़ी संध्या की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही. उनके पिता एक मशहूर वकील और जज थे, लेकिन जब संध्या महज 14 साल की थीं, तब उनके पिता का साया सिर से उठ गया. इसके बाद, संध्या के बड़े भाई ने परिवार को संभाला. संध्या पढ़ाई-लिखाई में काफी तेज थीं. उन्होंने गणित में ग्रेजुएशन किया और फिर मार्केटिंग में पोस्ट-ग्रेजुएशन के बाद एक अच्छी-खासी कॉर्पोरेट नौकरी भी की. लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, तभी तो एक पढ़ी-लिखी कामकाजी महिला अचानक ग्लैमर की दुनिया की ओर खिंची चली आई और टीवी शो ‘स्वाभिमान’ के जरिए एक्टिंग की शुरुआत की.
टीवी की दुनिया में ‘बनेगी अपनी बात’ और ‘कोशिश’ जैसे शोज से पहचान बनाने के बाद साल 2002 में उनके करियर में एक बड़ा मोड़ फिल्म ‘साथिया’ के रूप में आया. हालांकि, फिल्म के मुख्य सितारे विवेक ओबेरॉय और रानी मुखर्जी थे, लेकिन रानी की बहन ‘दीना’ के किरदार में संध्या ने ऐसी जान फूंकी कि लोग उन्हें नोटिस करने पर मजबूर हो गए. छोटे से रोल में भी उनकी स्क्रीन प्रेजेंस इतनी दमदार थी कि उन्हें रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री में एक संजीदा कलाकार के रूप में पहचान मिल गई. इसके बाद 2005 की फिल्म ‘पेज 3’ में एक एयर होस्टेस का किरदार निभाकर उन्होंने क्रिटिक्स को भी अपना मुरीद बना लिया. उन्होंने कभी भी टाइपकास्ट होना स्वीकार नहीं किया, यही वजह रही कि ‘हनीमून ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘डेडलाइन’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी वर्सटालिटी का लोहा मनवाया.
छोटे पर्दे से बनाई बड़ी पहचान
संध्या सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं रहीं. उन्होंने वेब सीरीज और रियलिटी शोज में भी अपना जलवा बिखेरा. उन्होंने ‘झलक दिखला जा’ में फर्स्ट रनर-अप रहकर साबित किया कि वे एक बेहतरीन डांसर भी हैं. उनके करियर का सबसे प्रेरणादायक पहलू यह है कि उन्होंने कभी भी काम की क्वालिटी के बजाय काम की क्वालिटी को अहमियत दी. ‘पेज 3’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीतना उनके स्ट्रगल और टैलेंट की एक छोटी सी झलक मात्र है. आज जब हम उनके सफर को देखते हैं, तो समझ आता है कि कॉर्पोरेट की सुरक्षित नौकरी छोड़कर एक्टिंग की दुनिया में कदम रखना उनके लिए कितना सही फैसला था. संध्या मृदुल आज उन सभी कलाकारों के लिए मिसाल हैं जो छोटे किरदारों के जरिए अपनी बड़ी पहचान बनाना चाहते हैं.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें


