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भारत vs चीन एग्जाम सिस्टम… इतना फर्क क्यों? आखिर कहां चूक हो रही है?

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Published On: May 14, 2026

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India vs China Exam System: भारत में एक बार फिर परीक्षा प्रणाली सवालों के घेरे में है. NEET UG, UGC-NET, UP Police भर्ती परीक्षा और BPSC जैसी बड़ी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और तकनीकी गड़बड़ियों के मामले सामने आ रहे हैं. इससे लाखों छात्रों का भविष्य सीधे प्रभावित हो रहा है और सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि क्या देश में परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित हो सकती है? अब अगर चीन की बात करें, तो वहां प्रतियोगी परीक्षाओं को लगभग ‘नेशनल सिक्योरिटी ऑपरेशन’ की तरह लिया जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा से जुड़े टीचर्स को लंबे समय तक अलग-थलग रखा जाता है और पेपर की तैयारी बेहद सख्त सुरक्षा के बीच होती है. इसके अलावा वहां AI सर्विलांस, फेस रिकग्निशन कैमरे, GPS ट्रैकिंग और सिग्नल जैमर जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि किसी भी तरह की नकल या पेपर लीक की संभावना खत्म की जा सके. एक तरफ भारत में लगातार पेपर लीक और सिस्टम फेलियर की बहस चल रही है, वहीं चीन का यह सख्त मॉडल एक अलग ही तस्वीर पेश करता है और यही सवाल छोड़ता है कि क्या बड़े एग्जाम्स को वाकई पूरी तरह से सुरक्षित बनाना संभव है?

​India vs China Exam System: भारत में एक बार फिर परीक्षा प्रणाली सवालों के घेरे में है. NEET UG, UGC-NET, UP Police भर्ती परीक्षा और BPSC जैसी बड़ी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और तकनीकी गड़बड़ियों के मामले सामने आ रहे हैं. इससे लाखों छात्रों का भविष्य सीधे प्रभावित हो रहा है और सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि क्या देश में परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित हो सकती है? अब अगर चीन की बात करें, तो वहां प्रतियोगी परीक्षाओं को लगभग ‘नेशनल सिक्योरिटी ऑपरेशन’ की तरह लिया जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा से जुड़े टीचर्स को लंबे समय तक अलग-थलग रखा जाता है और पेपर की तैयारी बेहद सख्त सुरक्षा के बीच होती है. इसके अलावा वहां AI सर्विलांस, फेस रिकग्निशन कैमरे, GPS ट्रैकिंग और सिग्नल जैमर जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि किसी भी तरह की नकल या पेपर लीक की संभावना खत्म की जा सके. एक तरफ भारत में लगातार पेपर लीक और सिस्टम फेलियर की बहस चल रही है, वहीं चीन का यह सख्त मॉडल एक अलग ही तस्वीर पेश करता है और यही सवाल छोड़ता है कि क्या बड़े एग्जाम्स को वाकई पूरी तरह से सुरक्षित बनाना संभव है?  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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