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आज बॉलीवुड साउथ इंडियन फिल्मों के रीमेक बनाने के लिए लाइन में लगा हुआ है, लेकिन एक समय था जब बॉलीवुड की स्क्रिप्ट ने साउथ के कुछ सबसे बड़े स्टार्स पवन कल्याण, अजित कुमार और चिरंजीवी के करियर को फिर से जिंदा कर दिया था. जब उनका स्टारडम कम हो रहा था, तब सलमान खान की ‘दबंग’, अमिताभ बच्चन की ‘डॉन’ और संजय दत्त की ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ के रीमेक ने बॉक्स ऑफिस पर सुनामी ला दी थी. इन फिल्मों ने न सिर्फ उनकी खोई हुई क्रेडिबिलिटी वापस दिलाई, बल्कि उन्हें पावर स्टार, थाला और मेगास्टार के तौर पर फिर से स्थापित भी किया.
नई दिल्ली. इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर यह चर्चा होती है कि बॉलीवुड अब साउथ इंडियन फिल्मों के रीमेक पर निर्भर है, लेकिन इतिहास में पीछे मुड़कर देखें तो एक समय था जब साउथ इंडियन सिनेमा के सबसे बड़े स्टार्स का स्टारडम दांव पर लगा था. लगातार फ्लॉप फिल्मों और बदलते समय के बीच ये सुपरस्टार बेसब्री से एक ऐसी लाइफलाइन की तलाश में थे, जो उन्हें नंबर 1 की जगह पर वापस ला सके. (तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है.)

दिलचस्प बात यह है कि इन पुराने सितारों को बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्मों में सुकून मिला, जिसने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस का माहौल बदला बल्कि इन स्टार्स को एक नई पहचान भी दी. आइए, 3 लैंडमार्क रीमेक फिल्मों की कहानियों को जानते हैं जिन्होंने पवन कल्याण, अजित कुमार और चिरंजीवी के करियर में नई जान डाल दी.

1. पवन कल्याण: ‘गब्बर सिंह’ (रीमेक: दबंग)- तेलुगु सिनेमा के पावर स्टार पवन कल्याण का नाम सुनते ही आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में सिहरन दौड़ जाती है, लेकिन 2000 के दशक के आखिर में पवन कल्याण बहुत मुश्किल समय से गुजर रहे थे. ‘जलसा’ (2008) के बाद, उनकी ‘पुली’ और ‘पंजा’ जैसी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाईं. फैंस निराश हुए और फिल्म पंडितों ने उनके करियर पर सवाल उठाना शुरू कर दिया.
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फिर 2012 में डायरेक्टर हरीश शंकर ने सलमान खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दबंग’ का तेलुगु रीमेक ‘गब्बर सिंह’ बनाने का फैसला किया. पवन कल्याण ने ‘गब्बर सिंह’ के तौर पर अपने स्वैग और स्टाइल से चुलबुल पांडे के किरदार में जान डाल दी. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही. पवन कल्याण का बेफिक्र पुलिस वाला स्टाइल घर-घर में मशहूर हो गई. इस फिल्म ने एक बार फिर पवन कल्याण को तेलुगु सिनेमा का बिना किसी शक के ‘सुल्तान’ बना दिया.

2. अजित कुमार: ‘बिल्ला’ (रीमेक: डॉन)- तमिल सिनेमा के थाला अजित कुमार आज अपनी सादगी और मास अपील के लिए जाने जाते हैं. लेकिन 2000 के दशक के बीच में अजित का करियर रुक गया था. वह एक ऐसी फिल्म की तलाश में थे जो उन्हें एक स्टाइलिश आइकन के तौर पर पहचान दिला सके. उस समय डायरेक्टर विष्णुवर्धन ने अमिताभ बच्चन की 1978 की कल्ट क्लासिक ‘डॉन’ को रीइमेजिन करने का रिस्क लिया. फिल्म का तमिल में टाइटल ‘बिल्ला’ (2007) था.

हालांकि रजनीकांत ने पहले ‘बिल्ला’ बनाई थी, लेकिन अजित कुमार का वर्जन मॉडर्न टेक्नोलॉजी और शानदार स्टाइल से लैस था. ‘बिल्ला’ ने अजित कुमार को एक ‘अल्ट्रा-कूल’ और ‘खतरनाक’ गैंगस्टर के रूप में पेश किया. फिल्म के एक्शन सीन और अजित के सूट-बूट वाले अवतार ने दर्शकों को खूब पसंद किया और यह ब्लॉकबस्टर बन गई. इस फिल्म के बाद, अजित कुमार का थाला स्टारडम नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया और उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

3. चिरंजीवी: ‘शंकर दादा एमबीबीएस’ (रीमेक: मुन्ना भाई एमबीबीएस)- तेलुगु सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी ने दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया है, लेकिन एक समय ऐसा आया जब दर्शकों को उनके पारंपरिक एक्शन और डांस अवतार में कुछ भी नया नहीं दिख रहा था. चिरंजीवी अपनी बड़ी इमेज से हटकर कुछ ऐसा करना चाहते थे जो सीधे लोगों के दिलों को छू जाए. इसलिए 2004 में वह संजय दत्त की फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ से जुड़े. यह फिल्म तेलुगु में ‘शंकर दादा एमबीबीएस’ के नाम से रिलीज हुई.

चिरंजीवी ने संजय दत्त के ‘मैजिक झप्पी’ फॉर्मूले को अपने खास मजेदार अंदाज में पेश किया. फिल्म ने न सिर्फ अच्छी कमाई की बल्कि चिरंजीवी को एक ‘कॉमेडी-इमोशनल’ हीरो के तौर पर फिर से स्थापित किया. फिल्म की सफलता इतनी जबरदस्त थी कि इसने चिरंजीवी के करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया और साबित कर दिया कि मेगास्टार किसी भी जॉनर में नंबर 1 बने रह सकते हैं.


