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बिना गॉडफादर वाला वो ‘आउटसाइडर’, जिससे अमिताभ बच्चन भी थे इनसिक्योर, 1986 में हिला डाला था सबका ‘सिंहासन’

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Published On: April 14, 2026

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1980 के दशक को अक्सर हिंदी सिनेमा में अमिताभ बच्चन का दौर माना जाता है, लेकिन 1986 के बॉक्स ऑफिस के आंकड़े कुछ और ही कहानी बताते हैं. यह वह दौर था जब मिथुन चक्रवर्ती ने अपनी जबरदस्त मास अपील से बच्चन का सिंहासन हिला दिया था, एक ऐसा ‘आउटसाइडर’ जो बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में आया था. जब अमिताभ बच्चन अपने पॉलिटिकल कमिटमेंट्स और कम फिल्मों के साथ संघर्ष कर रहे थे, तब मिथुन ने एक ही साल में अपनी चार फिल्मों को टॉप 10 लिस्ट में शामिल करवाकर खुद को एक असली ‘हिट मशीन’ साबित किया था.1980 के दशक को अक्सर हिंदी सिनेमा में अमिताभ बच्चन का दौर माना जाता है, लेकिन 1986 के बॉक्स ऑफिस के आंकड़े कुछ और ही कहानी बताते हैं. यह वह दौर था जब मिथुन चक्रवर्ती ने अपनी जबरदस्त मास अपील से बच्चन का सिंहासन हिला दिया था, एक ऐसा ‘आउटसाइडर’ जो बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में आया था. जब अमिताभ बच्चन अपने पॉलिटिकल कमिटमेंट्स और कम फिल्मों के साथ संघर्ष कर रहे थे, तब मिथुन ने एक ही साल में अपनी चार फिल्मों को टॉप 10 लिस्ट में शामिल करवाकर खुद को एक असली ‘हिट मशीन’ साबित किया था.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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