पलामू के तुमागड़ा का कलाकंद अपनी शुद्धता के लिए मशहूर है. इसे पारंपरिक तरीके से धीमी आंच पर तैयार किया जाता है. स्वाद के लिए इसमें एक खास चीज मिलाई जाती है. रोजाना करीब एक क्विंटल दूध की खपत होती है. यात्री यहां रुककर इस लाजवाब मिठाई का स्वाद जरूर चखते हैं.
पलामू के तुमागड़ा का कलाकंद अपनी शुद्धता के लिए मशहूर है. इसे पारंपरिक तरीके से धीमी आंच पर तैयार किया जाता है. स्वाद के लिए इसमें एक खास चीज मिलाई जाती है. रोजाना करीब एक क्विंटल दूध की खपत होती है. यात्री यहां रुककर इस लाजवाब मिठाई का स्वाद जरूर चखते हैं.












