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‘हकीकत’ हिट होने के बाद फिल्ममेकर धर्मेंद्र के साथ दूसरी फिल्म बनाने को बेताब थे. उन्होंने धर्मेंद्र से ही सलीम-जावेद की लिखी स्क्रिप्ट खरीदी, मगर किसी वजह से दोनों साथ काम करने को राजी नहीं पाए. जब वे लीड कास्टिंग को लेकर दुविधा में थे, तब प्राण ने स्ट्रग्लिंग एक्टर का नाम सुझाया. डिस्ट्रिब्यूटर के कानों तक खबर पहुंची, तो कइयों ने पैसा लगाने से इनकार कर दिया. मजबूरन फिल्ममेकर को अपना घर और पत्नी के गहने गिरवी रखकर फिल्म बनानी पड़ी. रिलीज के पहले हफ्ते मूवी फ्लॉप रही, लेकिन टेलीफोन पर घंटी खनखनाते ही हालात पलट गए.
नई दिल्ली: अगर आप में दम हो, तो किस्मत भी अपना रुख बदल लेती है. 1972 में जब नया-नवेला एक्टर हिंदी सिनेमा में जगह बनाने को तरस रहा था, तब एक मौके ने उसकी किस्मत का दरवाजा खटखटाया. बड़ी फिल्म में रोल मिला, तो फाइनेंसर ने हाथ खींच लिए. मजबूरन डायरेक्टर को अपना घर और गहने गिरवी रखकर फिल्म बनानी पड़ी. फिल्म डायरेक्टर को एक्टर के साथ अपनी कहानी पर भरोसा था, लेकिन रिलीज होते ही इस पर फ्लॉप का ठप्पा चस्पा हो गया. लेकिन कहते हैं न- ‘हिम्मत-ए-मर्दां मदद-ए-ख़दा’. वक्त ने पलटी मारी और हिंदी सिनेमा में एक नए सुपरस्टार का जन्म हुआ.

डायरेक्टर प्रकाश मेहरा ने अपने नजरिये को हकीकत का जामा पहनाने के लिए अपनी जमा-पूंजी दांव पर लगा दी थी. हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं, उसकी स्क्रिप्ट प्रकाश मेहरा ने धर्मेंद्र से 3500 रुपये में खरीदी थी. क्या आप अंदाजा लगा पाए कि हम किस फिल्म की बात कर रहे हैं. जाहिर है कि यह ‘जंजीर’ है, जिसने अमिताभ बच्चन को ‘एंग्री यंग मैन’ बना दिया था. (फोटो साभार: IMDb)

प्रकाश मेहरा जब इंडस्ट्री में नए थे, तब धर्मेंद्र के साथ फिल्म ‘समधि’ बनाई. इंडस्ट्री में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए डायरेक्टर धर्मेंद्र के साथ एक और फिल्म बनाना चाहते थे. ‘जंजीर’ के लिए धर्मेंद्र उनकी पहली पसंद बने, जिसकी स्क्रिप्ट ‘ही-मैन’ को सलीम-जावेद से मिली थी. (फोटो साभार: IMDb)
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प्रकाश मेहरा ने धर्मेंद्र से स्क्रिप्ट खरीदकर उसमें स्ट्रगलिंग एक्टर को कास्ट किया और फिल्म बनाने के लिए घर और पत्नी के गहने गिरवी रख दिए. लेकिन रिलीज की शुरुआत में फिल्म फ्लॉप हो गई. ऐसा लगा कि सबकुछ बिखर गया है, फिर अचानक कोलकाता से एक कॉल आई, जिसने प्रकाश मेहरा, अमिताभ बच्चन और सलीम-जावेद की किस्मत बदल दी.

प्रकाश मेहरा के बेटे पुनीत मेहरा ने विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में बताया कि कोई एक्टर ‘जंजीर’ करने को राजी नहीं था. धर्मेंद्र अपने बिजी शेड्यूल की वजह से पहले ही इनकार कर चुके थे. राजकुमार फिल्म करने को राजी हुए, लेकिन वे चाहते थे कि फिल्म की शूटिंग हैदराबाद में हो जो मुमकिन नहीं था क्योंकि कहानी मुंबई के पुलिसवाले की थी, इसलिए उसे वहीं शूट करना जरूरी था. देव आनंद ने फिल्म करने से इसलिए इनकार कर दिया, क्योंकि उसमें एक भी गाना नहीं था. प्रकाश मेहरा का कहना था कि चूंकि ‘जंजीर’ एक पुलिसमैन की कहानी है, इसलिए उसमें नाच-गाना नहीं हो सकता. (फोटो साभार: IMDb)

फिल्म ‘जंजीर’ की मेकिंग में 2 फोन की बड़ी अहमियत रही. पहली कॉल दिग्गज एक्टर प्राण ने की थी. पुनीत ने कहा कि मुश्किल वक्त में प्राण सर ने अमिताभ बच्चन का नाम उनके पिता प्रकाश मेहरा को सुझाया. उस वक्त अमिताभ की ‘बॉम्बे टू गोवा’ रिलीज हुई थी. उन्होंने कॉल करके कहा, ‘लड़के में बात है.’ (फोटो साभार: IMDb)

प्राण की कॉल के बाद प्रकाश मेहरा और जावेद अख्तर मुंबई के एक थियेटर जाकर अमिताभ बच्चन की ‘बॉम्बे टू गोवा’ देखी. फिल्म का एक फाइट सीन देखकर उन्हें भरोसा हुआ कि अमिताभ ‘जंजीर’ में पुलिसवाले के रोल के लिए एकदम मुफीद हैं. जब डिस्ट्रिब्यूटर्स को पता चला कि ‘जंजीर’ में धर्मेंद्र को एक स्ट्रग्लिंग एक्टर अमिताभ बच्चन ने रिप्लेस किया है, तो कई ने हाथ पीछे खींच लिए. अमिताभ बच्चन तब ‘बॉम्बे टू गोवा’ और ‘आनंद’ जैसी हिट दे चुके थे, लेकिन इनकी सफलता का क्रेडिट महमूद और राजेश खन्ना जैसे स्टार्स को मिला. (फोटो साभार: IMDb)

फिल्म ‘जंजीर’ पहले हफ्ते में फ्लॉप घोषित हो गई थी, लेकिन जब डायरेक्टर के पास कोलकाता से फोन आया कि लोग फिल्म देखने के लिए सिनेमाघरों के बाहर लंबी कतारें लगा रहे हैं, तो माहौल अचानक बदल गया. देखते ही देखते कई जगहों से फोन आने लगे और फिर तो बात ही बदल गई. दिलचस्प बात यह है कि प्रकाश मेहरा के दफ्तर के लोगों को लगा कि वे दबाव में हैं. सब दौड़कर उन्हें बताने गए, ‘सर कूदना मत, फिल्म हिट है.’ (फोटो साभार: IMDb)


