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बॉलीवुड में स्पाई थ्रिलर का एक लंबा इतिहास रहा है, लेकिन 2003 की फिल्म ‘द हीरो: लव स्टोरी ऑफ ए स्पाई’ ने इस जॉनर को ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जिसे आज भी बहुत सम्मान दिया जाता है. अनिल शर्मा के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म अपने समय की सबसे महंगी और शानदार तरीके से बनी फिल्मों में से एक थी. सनी देओल ने एक रॉ एजेंट का जो रोल किया, उसमें न सिर्फ जबरदस्त एक्शन था, बल्कि जासूसी की दुनिया का काला पहलू भी सामने आया, जहां मौत का साया हमेशा मंडराता रहता है. बर्फीली चोटियों पर सेट इसका खतरनाक क्लाइमैक्स और एक न्यूक्लियर हमले को रोकने की लड़ाई आज की ‘धुरंधर’ या ‘टाइगर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के एक्शन को टक्कर देती है.
नई दिल्ली. आज जब ‘धुरंधर 2’ जैसी स्पाई थ्रिलर बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़ रही हैं और जासूसी की दुनिया का क्रेज अपने पीक पर है, बॉलीवुड गलियारों में एक बार फिर उस फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जिसने ठीक 23 साल पहले ‘स्पाई यूनिवर्स’ की नींव रखी थी. यह कहानी है 2003 की मेगा-बजट फिल्म की, जिसमें सनी देओल ने एक ऐसे रॉ एजेंट का रोल किया था जिसकी दहाड़ बॉर्डर पार सुनाई देती थी.

हम बात कर रहे हैं डायरेक्टर अनिल शर्मा की फिल्म ‘द हीरो: लव स्टोरी ऑफ ए स्पाई’ की. यह वह समय था जब टेक्नोलॉजी आज जितनी एडवांस्ड नहीं थी, लेकिन सनी देओल का पैशन और फिल्म का क्लाइमैक्स इतना खतरनाक था कि मॉडर्न स्पाई फिल्में भी उसके सामने फीकी पड़ जाती हैं.

‘गदर: एक प्रेम कथा’ की हिस्टोरिक सक्सेस के बाद, सनी देओल और अनिल शर्मा की जोड़ी फिर से साथ आई. ‘द हीरो’ को अपने समय की सबसे महंगी इंडियन फिल्म माना गया था. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो फिल्म का कैनवस इतना बड़ा था कि इसे स्विट्जरलैंड की बर्फीली घाटियों से लेकर कनाडा और कश्मीर के ऊबड़-खाबड़ पहाड़ों तक की जगहों पर शूट किया गया था. ऑडियंस को वर्ल्ड-क्लास स्पाई थ्रिलर का एक्सपीरियंस कराने के लिए बहुत बड़ा इन्वेस्टमेंट किया गया था.
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फिल्म में सनी देओल ने मेजर अरुण खन्ना का रोल किया था, जो एक मास्टर रॉ एजेंट थे. जहां हम आज की स्पाई फिल्मों में एक्टर्स को बार-बार अपना लुक बदलते देखते हैं, वहीं ‘द हीरो’ में प्रोस्थेटिक्स के इस्तेमाल ने सभी को हैरान कर दिया. कभी एक बुजुर्ग कश्मीरी, कभी एक सिख, तो कभी एक विदेशी टूरिस्ट… सनी देओल ने अपनी पहचान छिपाते हुए दुश्मन के घर में घुसने के खेल को बहुत अच्छे से दिखाया.

अगर ‘धुरंधर’ के एक्शन ने आपको रोमांचित किया है तो आपको ‘द हीरो’ का आखिरी आधा घंटा याद रखना चाहिए. क्लाइमैक्स बर्फ से ढके पहाड़ों और एक बड़े डैम के ऊपर शूट किया गया था. कहानी एक न्यूक्लियर बम के इर्द-गिर्द घूमती है जिसे आतंकवादी भारत में ब्लास्ट करने के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं. सनी देओल का हेलीकॉप्टर से लटकना और चलते ट्रक के नीचे से गुजरना… ये ऐसे सीन थे जिन्होंने थिएटर में दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखा था. जिस तरह से सनी देओल क्लाइमैक्स में दुश्मन के ठिकाने को तबाह करते हैं, उसे आज भी बॉलीवुड के सबसे अच्छे एक्शन सीक्वेंस में से एक माना जाता है.

फिल्म की एक और बड़ी खूबी विलेन ‘इसाक खान’ के रूप में अनुभवी एक्टर अमरीश पुरी का होना था. सनी और अमरीश पुरी के बीच ऑन-स्क्रीन दुश्मनी हमेशा से दर्शकों की पसंदीदा रही है. ‘द हीरो’ में दोनों के बीच डायलॉग और माइंड-गेम्स ने एक अनोखा टेंशन पैदा किया. इस बीच, प्रीति जिंटा और प्रियंका चोपड़ाने फिल्म में एक इमोशनल एज जोड़ा. बता दें, इस फिल्म ने प्रियंका न बॉलीवुड में कदम रखा था.

‘द हीरो’ ने सच में आज की स्पाई फिल्मों में दिखाए जाने वाले हाई-टेक गैजेट्स और ग्लोबल लोकेशन्स को आगे बढ़ाया. फिल्म ने दिखाया कि एक स्पाई की जिंदगी सिर्फ लड़ाई के बारे में नहीं है, बल्कि डिप्लोमेसी और देश के लिए अपनी पहचान कुर्बान करने के बारे में भी है.


