Last Updated:
धर्मेंद्र ने अपने करियर में हर एक्ट्रेस के साथ काम किया है. लेकिन मीना कुमारी के साथ वह जब-जब नजर आए, जोड़ी खूब पसंद की गई थी. कहा तो ये भी जाता है कि मीना कुमारी भी धर्मेद्र को पसंद करती थीं. लेकिन मीना कुमारी एक ऐसा फैन भी था,जो हर रोज उनकी फिल्में देखता था. इस फैन की 30 साल तक सीट रिजर्व रखी गई थी.
नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा की जानी मानी एक्ट्रेस जिन्हें ‘ट्रैजेडी क्वीन’ के नाम से भी जाना जाता था. उनकी खूबसूरती देख कई एक्टर तो अपने डायलॉग ही भूल जाते थे. इतना ही नहीं एक फैन उनके लिए इस कदर दीवाना था कि थिएटर में उसके लिए एक सीट रिजर्व रखी जाती थी. (तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है.

मीना कुमारी ने अपनी एक्टिंग के जलवे से हजारों फैंस का दिल जीता. हालांकि असल जिदंगी उनकी काफी दर्द भरी रही. उनकी खूबसूरती के तो लोग मुरीद हो जाया करते थे. एक फैन तो उन पर इस कदर मर मिटा था कि हर रोज उन्हें देखने के लिए सिनेमाघर में अपनी एक सीट रिजर्व रखता था.

इस बात का खुलासा हाल ही में पूजा भट्ट के पॉडकास्ट में नजर आए सिनेमेटोग्राफर हेमंत चतुर्वेदी ने किया है. उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि एक बुजुर्ग मीना कुमार पर इस कदर मर मिटे थे कि उनकी उनके आखिरी दिन सीट सिनेमाघर में रिजर्व थी.
Add News18 as
Preferred Source on Google

पूजा भट्ट ने ये वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. हेमंत ने बताया कि मीना कुमारी का एक ऐसा जबरा फैन रहा था, जो मीना कुमारी के लिए सिनेमाघर में अपनी सीट हमेशा बुक किए रहता था. उन्होंने बताया कि जब मैं करियर की शुरुआत कर रहा था, तब महाराष्ट्र के एक पुराने सिनेमाघर में गया तो वहांके मालिक ने मुझे बताया कि एक बुजुर्ग मीना कुमारी के लिए हमेशा सीट बुक कराए रखते हैं.

उन्होंने कहा कि ये बात थिएटर मालिक के पिता बताया करते थे कि साल 1940 के दशक में बने इस थिएटर में एक बुजुर्ग की टिकट हमेशा बुक रहती तीं. उनकी सीट पर कोई नहीं बैठता था. वह प्रतिदिन 4 बजे वाला शो देखा करते थे. मीना कुमारी की फिल्में वह बार-बार देखते थे.

भले ही मीना कुमारी कि फिल्में दो हफ्ते चले या 21 हफ्ते या 25 हफ्ते, शख्स उतनी ही बार रोज फिल्में देखता था. लेकिन मीना कुमारी की आखिरी फिल्में रिलीज हुई तब सीट तो रिजर्व थी, लेकिन वह आए नहीं. ऐसे में जब दो या तीन दिन निकल गए तो उनके घर पर पता करवाया तो पता चला कि बुजुर्ग सज्जन का निधन हो चुका है.

हेमंत ने अपनी बात आगे रखते हुए कहा कि हैरानी वाली बात ये है कि सिनेमाघर वालों ने उस सीट को कभी भी किसी और को नहीं दिया. जब तक वह थिएटर चलता रहा, वो सीट उस जबरा फैन के लिए ही रिजर्व रखी गई. उस बी-14 नंबर की सीट को अंत तक रिजर्व रखा गया.

कहा जाता है कि धर्मेंद्र को अपने करियर में इस मुकाम तक पहुंचाने में मीना कुमारी का भी हाथ रहा है. एक वक्त के बाद तो वह धर्मेंद्र को पागलपन की हद तक प्यार करने लगी थीं. आज भी फिल्मी गलियारों में गाहे-बगाहे मीना कुमारी और धर्मेंद्र के प्यार के किस्से सुनने को मिल ही जाते हैं.


