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दोषी सुरेश को 20 वर्ष की कठोर कैद

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Published On: July 15, 2025

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दोषी सुरेश को 20 वर्ष की कठोर कैद
– 10 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
– जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।
– अर्थदंड की धनराशि में से 8 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी
– करीब साढ़े 4 वर्ष पूर्व शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की के साथ कई बार बलात्कार करने का मामला

सोनभद्र ब्यूरो चीफ दिनेश उपाध्याय-(ओबरा/सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)डिजिटल भारत न्यूज टुडे नेटवर्क 24×7 LIVE
सोनभद्र। करीब साढ़े 4 वर्ष पूर्व शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ कई बार बलात्कार किए जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी सुरेश को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं 10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 8 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।अभियोजन पक्ष के मुताबिक जुगैल थाना क्षेत्र स्थित एक गांव निवासी पीड़िता ने जुगैल थाने में 13 मार्च 2021 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि जुगैल थाना क्षेत्र के खरहरा टोला गौरघट्टी गांव निवासी सुरेश पुत्र वीरन करीब एक साल से उसे शादी का झांसा देकर कई बार बलात्कार करता रहा।उसने अपने नाना से ख़रीदवाकर उसे मोबाइल फोन दिया था। जब भी वह उसे जहां बुलाता था वह आ जाती थी और वह उसके साथ बलात्कार करता था।

अब वह दूसरी शादी करने की धमकी दे रहा है। 7 मार्च 2021 को उसने यह धमकी दिया कि तुम रास्ते से हट जाओ, नहीं तो हत्या कर दूंगा। इस घटना को कई लोगों ने देखा है। इस तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दिया और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में सुरेश के विरूद्ध चार्जशीट विवेचक ने दाखिल किया था।मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी सुरेश को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं 10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 8 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर ले सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।

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