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दोषी विनोद कुमार जायसवाल को 20 वर्ष की कठोर कैद

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Published On: November 28, 2025
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दोषी विनोद कुमार जायसवाल को 20 वर्ष की कठोर कैद 
– 65 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
– जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी
– अर्थदंड की धनराशि में से 50 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी
– करीब साढ़े 8 वर्ष पूर्व 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला

सोनभद्र ब्यूरो चीफ दिनेश उपाध्याय-(ओबरा/सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)डिजिटल भारत न्यूज टुडे नेटवर्क 24×7 LIVE
सोनभद्र। करीब साढ़े 8 वर्ष पूर्व 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगाने व उसके साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी विनोद कुमार जायसवाल को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर 65 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 50 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।अभियोजन पक्ष के मुताबिक रायपुर थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 28 जनवरी 2017 को 9 बजे विनोद कुमार जायसवाल पुत्र रामेश्वर प्रसाद जायसवाल निवासी डोमरिया,थाना रामपुर बरकोनिया, जिला सोनभद्र उसकी 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले गया।बेटी की काफी तलाश किया,लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। आवश्यक कार्रवाई करें।

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इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने विनोद कुमार जायसवाल के विरुद्ध अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 10 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी विनोद कुमार जायसवाल (35) वर्ष को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं 65 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 50 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।

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