—Advertisement—

दोषी विजेंद्र वियार को 3 वर्ष की कैद

Author Picture
Published On: July 16, 2025
— Oplus_0

—Advertisement—

दोषी विजेंद्र वियार को 3 वर्ष की कैद
– 32 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
– जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी
– साढ़े चार साल पूर्व कुल्हाड़ी से प्रहार कर गम्भीर चोट पहुंचाने व जाति सूचक शब्दों से गाली देकर अपमानित करने का मामला

सोनभद्र ब्यूरो चीफ दिनेश उपाध्याय-(ओबरा/सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)डिजिटल भारत न्यूज टुडे नेटवर्क 24×7 LIVE
सोनभद्र। साढ़े चार साल पूर्व कुल्हाड़ी से प्रहार कर गम्भीर चोट पहुंचाने व जाति सूचक शब्दों से गाली देकर अपमानित करने के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट सोनभद्र आबिद शमीम की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी विजेंद्र वियार को 3 वर्ष का कारावास व 32 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी।अभियोजन पक्ष के मुताबिक रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के कम्हारडीह गांव निवासी विनोद कुमार पुत्र रामसखी ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 15/16 अक्तूबर 2020 को रात करीब 12 बजे उसके पिताजी खेत मे पानी लगाने गए थे जहां पर गांव का विजेंद्र वियार पुत्र पुनवासी वियार ने 4 अन्य साथियों के साथ कुल्हाड़ी से उसके पिता के गर्दन पर प्रहार कर गम्भीर चोट पहुँचाई और जाति सूचक शब्दों से गाली देकर अपमानित किया तथा पिताजी को मरा समझकर छोड़कर भाग गए। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा तो पिताजी गिरे पड़े थे और खून भी गिरा था।

Oplus_0

घटना के बारे में पूछा तो पिताजी ने उपरोक्त बातें बताई। तब 112 नम्बर पुलिस को सूचना देकर बुलाया तो अस्पताल में लेजाकर भर्ती कराया। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 8 गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषसिद्ध पाकर दोषी विजेंद्र वियार को 3 वर्ष का कारावास व 32 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सी शशांक शेखर कात्यायन ने बहस की।

Related News
Home
Facebook
Telegram
X