Agra lather factory news: जूता व्यापारी बताते है कि इसे बनाने के लिए कई चरण शामिल किये जाते है. सबसे पहले जूता बनाने के लिए चमड़े का चयन किया जाता है. उसके बाद मशीनों व हाथों द्वारा चमड़े की कटिंग की जाती है. चमड़े पर सिलाई आदि का कार्य किया जाता है. उन्होंने कहा की कारीगरों द्वारा उसे सांचे पर चढ़ाया जाता है जिसे लास्टिंग कहते है. इसके बाद सोल लगाया जाता है और अंत में जूते पर फाइनल फिनिशिंग की जाती है. इस तरह से जूते का पुरा प्रोसेस होता है.
Agra lather factory news: जूता व्यापारी बताते है कि इसे बनाने के लिए कई चरण शामिल किये जाते है. सबसे पहले जूता बनाने के लिए चमड़े का चयन किया जाता है. उसके बाद मशीनों व हाथों द्वारा चमड़े की कटिंग की जाती है. चमड़े पर सिलाई आदि का कार्य किया जाता है. उन्होंने कहा की कारीगरों द्वारा उसे सांचे पर चढ़ाया जाता है जिसे लास्टिंग कहते है. इसके बाद सोल लगाया जाता है और अंत में जूते पर फाइनल फिनिशिंग की जाती है. इस तरह से जूते का पुरा प्रोसेस होता है.









