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तुम सोना-चांदी के पीछे भाग रहे, यहां पर है 400 करोड़ की कॉफी कप! आखिर कौन है इसका मालिक?

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Published On: May 15, 2026

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Hyderabad News: हैदराबाद के सातवें निज़ाम मीर उस्मान अली खान की शाही जिंदगी से जुड़ी कहानियां आज भी लोगों को हैरान कर देती हैं. लेकिन इस बार चर्चा में हैं वे दो खास कॉफ़ी कप, जिनकी कीमत सुनकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं. पुरानी हवेली स्थित निज़ाम म्यूज़ियम में रखे ये टर्किश कॉफ़ी कप सोने से बने हुए हैं और इनमें सैकड़ों असली हीरे जड़े हुए हैं. बताया जाता है कि इन दोनों कपों की कुल कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 400 करोड़ रुपये आंकी जाती है.ये कप सिर्फ शाही बर्तन नहीं, बल्कि उस दौर की बेमिसाल रईसी और कारीगरी की पहचान माने जाते हैं. निज़ाम इन कपों में खास टर्किश ब्लैक कॉफ़ी पिया करते थे, जिसे उस समय शाही मेहमानों के बीच बेहद खास माना जाता था. कपों की डिजाइन में उस्मानी और भारतीय कला का अनोखा मेल दिखाई देता है. म्यूज़ियम में आने वाले पर्यटक इन कपों को देखकर सबसे ज्यादा आकर्षित होते हैं. यहां निज़ाम की कई और अनमोल चीजें भी मौजूद हैं, जिनमें सोने के टिफिन बॉक्स, हीरों से जड़ी तलवारें और विशाल लकड़ी की अलमारी शामिल हैं. यह कहानी सिर्फ दो कपों की नहीं, बल्कि उस दौर की है जब हैदराबाद दुनिया के सबसे अमीर और शाही शहरों में गिना जाता था.

​Hyderabad News: हैदराबाद के सातवें निज़ाम मीर उस्मान अली खान की शाही जिंदगी से जुड़ी कहानियां आज भी लोगों को हैरान कर देती हैं. लेकिन इस बार चर्चा में हैं वे दो खास कॉफ़ी कप, जिनकी कीमत सुनकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं. पुरानी हवेली स्थित निज़ाम म्यूज़ियम में रखे ये टर्किश कॉफ़ी कप सोने से बने हुए हैं और इनमें सैकड़ों असली हीरे जड़े हुए हैं. बताया जाता है कि इन दोनों कपों की कुल कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 400 करोड़ रुपये आंकी जाती है.ये कप सिर्फ शाही बर्तन नहीं, बल्कि उस दौर की बेमिसाल रईसी और कारीगरी की पहचान माने जाते हैं. निज़ाम इन कपों में खास टर्किश ब्लैक कॉफ़ी पिया करते थे, जिसे उस समय शाही मेहमानों के बीच बेहद खास माना जाता था. कपों की डिजाइन में उस्मानी और भारतीय कला का अनोखा मेल दिखाई देता है. म्यूज़ियम में आने वाले पर्यटक इन कपों को देखकर सबसे ज्यादा आकर्षित होते हैं. यहां निज़ाम की कई और अनमोल चीजें भी मौजूद हैं, जिनमें सोने के टिफिन बॉक्स, हीरों से जड़ी तलवारें और विशाल लकड़ी की अलमारी शामिल हैं. यह कहानी सिर्फ दो कपों की नहीं, बल्कि उस दौर की है जब हैदराबाद दुनिया के सबसे अमीर और शाही शहरों में गिना जाता था.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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