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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को उनके पद से हटा दिया है. ट्रंप पिछले काफी समय से बोंडी की कार्यप्रणाली से नाराज चल रहे थे. उन पर जेफरी एपस्टीन स्कैंडल को ठीक से हैंडल न करने और ट्रंप के विरोधियों पर केस चलाने में ढिलाई बरतने के आरोप हैं. बोंडी के जाने से जस्टिस डिपार्टमेंट में हलचल मच गई है.
ट्रंप ने की अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी की छुट्टी (File Photo : Reuters)
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को पद से हटा दिया है. बोंडी पिछले एक साल से जस्टिस डिपार्टमेंट की कमान संभाल रही थीं. उनके कार्यकाल में विभाग पूरी तरह से ट्रंप के एजेंडे पर काम कर रहा था. हालांकि इसके बावजूद ट्रंप उनसे खुश नहीं थे. सूत्रों का कहना है कि ट्रंप को लगता था कि बोंडी उनके विरोधियों पर कार्रवाई करने में बहुत सुस्त रही हैं. इसके अलावा जेफरी एपस्टीन मामले में उनकी भूमिका ने ट्रंप की नाराजगी को और बढ़ा दिया था. बोंडी की विदाई ने अमेरिकी राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है.
ट्रंप की नाराजगी की असली वजह क्या थी?
ट्रंप काफी समय से प्राइवेट बातचीत में बोंडी को ‘कमजोर’ और ‘असरहीन’ बता रहे थे. ट्रंप चाहते थे कि उनके राजनीतिक दुश्मनों पर जल्द से जल्द क्रिमिनल केस दर्ज हों. उन्होंने सोशल मीडिया पर जेम्स कोमी और लेटिटिया जेम्स का नाम लेकर बोंडी पर दबाव भी बनाया था. ट्रंप ने लिखा था कि देरी करने से हमारी साख खराब हो रही है. इसके बाद जस्टिस डिपार्टमेंट ने कोमी और जेम्स पर केस तो किए लेकिन कोर्ट ने उन्हें खारिज कर दिया. कोर्ट के इस फैसले का ठीकरा भी बोंडी के सिर पर ही फूटा.
एपस्टीन केस ने कैसे बिगाड़ा खेल?
पाम बोंडी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलें बनीं. ट्रंप का मानना है कि बोंडी ने इन फाइलों को ठीक से हैंडल नहीं किया. इस वजह से ट्रंप को कई राजनीतिक और व्यक्तिगत दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इस महीने की शुरुआत में हाउस ओवरसाइट कमेटी ने भी बोंडी को पूछताछ के लिए बुलाया था. ट्रंप को लगा कि बोंडी की वजह से उनकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है. इसी वजह से उन्होंने बोंडी को हटाने का मन बना लिया था.
क्या बोंडी ने ट्रंप के लिए नियम तोड़े?
बोंडी ने जस्टिस डिपार्टमेंट की आजादी को किनारे रखकर ट्रंप की प्राथमिकताओं को सबसे ऊपर रखा था. उन्होंने उन अभियोजकों को नौकरी से निकाल दिया जिन्होंने कभी ट्रंप के खिलाफ जांच की थी. उन्होंने विभाग की बिल्डिंग पर ट्रंप की फोटो वाला एक बड़ा बैनर भी लगवाया था. इतना ही नहीं बोंडी ने 2020 के चुनाव नतीजों को पलटने के लिए भी जांच शुरू करवाई थी. उन्होंने मियामी के वकील को 2016 के रूस हस्तक्षेप मामले की दोबारा जांच करने का काम सौंपा था.
अब आगे क्या होगा?
पाम बोंडी ट्रंप के कैबिनेट की दूसरी ऐसी सदस्य हैं जिन्हें हाल के दिनों में हटाया गया है. इससे पहले मार्च में होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम को भी बाहर का रास्ता दिखाया गया था. फिलहाल यह साफ नहीं है कि ट्रंप अगला अटॉर्नी जनरल किसे बनाएंगे. ट्रंप का इतिहास रहा है कि वे उन लोगों को हटा देते हैं जो उनके हिसाब से काम नहीं करते. जेफ सेशंस और विलियम बार के साथ भी उनका ऐसा ही अनुभव रहा था. अब देखना होगा कि नया अटॉर्नी जनरल ट्रंप की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है.
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दीपक वर्मा एक दशक से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़ एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. दीपक मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों औ…और पढ़ें


