रजनीकांत का नाम सुनते ही उनकी एक बड़ी इमेज बन जाती है, लेकिन जिस फिल्म ने इस इमेज को पक्का किया वो थी ‘बाशा’, जो साल 1995 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि उसकी शुरुआत काफी अनिश्चित थी. रजनीकांत शुरू में डायरेक्टर सुरेश कृष्णा की इस गैंगस्टर ड्रामा को करने में झिझक रहे थे. कहा जाता है कि उन्हें ऐसा लग रहा था कि ‘डॉन’ का रोल करना उनकी क्लीन इमेज के लिए रिस्क होगा. हालांकि, उन्होंने यह फिल्म की और जब यह सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो बॉक्स ऑफिस पर वह छा गए. कहा तो ये भी जाता है कि यही वो फिल्म है जिसने उन्हें साउथ का ‘भगवान’ बना दिया. ‘बाशा’ ने रजनीकांत को ऐसा स्टारडम दिलाया जो आज भी कायम है, जिसने 15 महीने तक थिएटर्स में राज किया.रजनीकांत का नाम सुनते ही उनकी एक बड़ी इमेज बन जाती है, लेकिन जिस फिल्म ने इस इमेज को पक्का किया वो थी ‘बाशा’, जो साल 1995 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि उसकी शुरुआत काफी अनिश्चित थी. रजनीकांत शुरू में डायरेक्टर सुरेश कृष्णा की इस गैंगस्टर ड्रामा को करने में झिझक रहे थे. कहा जाता है कि उन्हें ऐसा लग रहा था कि ‘डॉन’ का रोल करना उनकी क्लीन इमेज के लिए रिस्क होगा. हालांकि, उन्होंने यह फिल्म की और जब यह सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो बॉक्स ऑफिस पर वह छा गए. कहा तो ये भी जाता है कि यही वो फिल्म है जिसने उन्हें साउथ का ‘भगवान’ बना दिया. ‘बाशा’ ने रजनीकांत को ऐसा स्टारडम दिलाया जो आज भी कायम है, जिसने 15 महीने तक थिएटर्स में राज किया.
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जिस फिल्म को ‘न’ कहना चाहते थे रजनीकांत! उसी ने बना दिया सुपरस्टार से साउथ का ‘भगवान’, 15 महीने तक थिएटर में चली

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विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More
