—Advertisement—

‘चीखी और बेहोश हो गई’, हादसे ने बर्बाद कर दिया हसीना का करियर, कभी नोटों से भरा बैग लेकर कास्ट करते थे मेकर्स

Author Picture
Published On: April 9, 2026

—Advertisement—

Last Updated:




अनु अग्रवाल ने साल 1988 में हिंदी सिनेमा में कदम रखा था. लेकिन साल 1990 में आई फिल्म ‘आशिकी’ से वह रातोंरात स्टार बन गई थीं. लेकिन एक हादसे ने एक्ट्रेस का बना बनाया करियर बर्बाद कर दिया था.हाल ही में एक्ट्रेस ने बताया कि जब उनका एक्सीडेंट हुआ तो उन्हें गलत नस में इंजेक्शन लगा दिया गया था.

ख़बरें फटाफट

Zoom

अनु अग्रवाल ‘आशिकी’ से लोकप्रिय हुई थीं.

नई दिल्ली. ग्लैमर की इस दुनिया में कब किसकी किस्मत चमक जाए और कब किसकी फूट जाए, कहा नहीं जा सकता. ‘आशिकी’ फेम एक्ट्रेस अनु अग्रवाल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. हाल ही में उन्होंने अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर से जुड़ा एक चौंकाने वाला किस्सा शेयर किया है.

साल 1999 में हुए भीषण कार एक्सीडेंट के बाद अभिनेत्री अनु अग्रवाल की जिंदगी भी हमेशा के लिए बदल गई. हालांकि, ‘आशिकी गर्ल’ इसे जख्म नहीं, जिंदगी की नई शुरुआत मानती हैं.

अस्पताल से निकलकर भी सेट पर पहुंची

अनु अग्रवाल ने हाल ही में बताया है कि एक्सीडेंट के बाद अस्पताल से निकलने के तुरंत बाद भी वह चोटिल हालत में सीधे फिल्म के सेट पर पहुंच गई थीं और दर्द सहते हुए शूटिंग पूरी की थी.अनु अग्रवाल अपनी जिंदगी को लेकर हमेशा पॉजिटिव नजरिया रखती हैं. उनका मानना है कि हादसे जिंदगी का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत हो सकते हैं. यही वजह है कि वह अक्सर अपने पुराने अनुभवों से लोगों को मोटिवेट करती रहती हैं.

फिल्म को आज भी नहीं भूले लोग

गलत लगा दिया गया इंजेक्शन

हाल ही में अनु अग्रवाल ने अपने इंस्टाग्राम पर अपनी एक पुरानी फिल्म के सेट की तस्वीरें शेयर कीं और अपने भयानक कार एक्सीडेंट के बाद का एक किस्सा बताया. उन्होंने बताया कि हादसे के बाद अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन वहां उन्हें गलत नस में इंजेक्शन लगा दिया गया, जिससे वह फिर बेहोश हो गईं. अनु ने बताया कि होश में आने के अगले ही दिन वह सीधे फिल्म के सेट पर पहुंच गई थीं. उस समय उनका पैर बुरी तरह घायल था और उस पर पट्टी बंधी हुई थी. उन्होंने बताया कि फिल्म के कॉस्ट्यूम में पैर की तरफ स्लिट था, जिसे ड्रेस डिजाइनर ने बदलकर सिल दिया ताकि उनका चोटिल पैर छिपाया जा सके.

नोटों से भरा बैग लेकर साइन करने आते थे मेकर्स

आज अनु अग्रवाल ने भले ही किसी फिल्म में नजर नहीं आती. लेकिन वह एक फिल्म से रातोंरात स्टार बन गई थीं. साल 1990 में आई फिल्म ‘आशिकी’ से वह रातोंरात स्टार बन गई थीं. उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि एक वक्त ऐसा भी रहा है कि मेकर्स नोटों से भरा बैग लेकर उन्हें साइन करने आते थे. उस दौर में भी वह अपने उसूलों के हिसाब से ही काम करती थीं.

About the Author

authorimg

Munish Kumar

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार का डिजिटल मीडिया में 9 सालों का अनुभव है. एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू और इंटरव्यू में विशेषज्ञता है. मुनीष ने जामिया मिल्लिया इ…और पढ़ें

Related News
Home
Facebook
Telegram
X