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घर बनेगा कमाई का जरिया! खाली कमरों से कमा सकते हैं मोटा मुनाफा, जानें यूपी सरकार की ये योजना – Uttar Pradesh News

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Published On: March 17, 2026

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UP Government’s Bed and Breakfast and Homestay Policy-2025 : पीलीभीत समेत तराई के जिलों में यूपी सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 से अब घर के खाली कमरे कमाई का जरिया बन सकते हैं. पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच स्थानीय लोग होमस्टे पंजीकरण कर अतिरिक्त आय के साथ रोजगार के नए अवसर हासिल कर सकेंगे.

पीलीभीत : उत्तर प्रदेश के वन एवं सीमावर्ती जिलों में ईको-टूरिज्म के बढ़ते ग्राफ ने स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए द्वार खोल दिए हैं. पीलीभीत टाइगर रिजर्व और चूका बीच जैसे पर्यटन स्थलों के कारण जनपद में आने वाले पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जिसे देखते हुए प्रदेश सरकार ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025’ लेकर आई है.

दरअसल, पीलीभीत में बीते वर्ष हजारों अधिक पर्यटकों की आमद दर्ज की गई थी. पर्यटकों की इस भारी संख्या के चलते ठहरने के स्थानों की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसे पूरा करने के लिए अब स्थानीय निवासी अपने घरों के अतिरिक्त कमरों को पर्यटकों को किराए पर देकर अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं. इस नीति का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है, बल्कि स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है.

क्या है होमस्टे योजना के नियम?
इस नीति के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के मकान मालिक लाभ उठा सकते हैं. ग्रामीण और शहरी होमस्टे योजना के तहत ऐसे भवन स्वामी, जो स्वयं उस घर में रहते हैं, अपने 06 अतिरिक्त कमरों (अधिकतम 12 बेड) तक का पंजीकरण करा सकते हैं. वहीं, यदि स्वामी स्वयं घर में नहीं रहता है, तो वह ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (B&B) श्रेणी में पंजीकरण कर सकता है, जहां एक केयरटेकर रखना अनिवार्य होगा.

घरेलू दर पर मिलेगी बिजली- पानी
सरकार ने इस नीति को प्रोत्साहित करने के लिए कई आकर्षक रियायतें भी दी हैं. होमस्टे के रूप में पंजीकृत भवनों को व्यावसायिक दरों के बजाय घरेलू (आवासीय) दरों पर बिजली, पानी और गृह कर का भुगतान करना होगा. इसके अलावा, संचालकों को प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी और पर्यटन विभाग द्वारा उनके स्टाफ को निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा.

ऐसे करें अप्लाई
इच्छुक मकान मालिक पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आसानी से ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं. पंजीकरण की यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, जिससे आपकी इकाई को सरकारी रिकॉर्ड में शामिल कर विभाग की वेबसाइट के माध्यम से देश-दुनिया में प्रचारित किया जाएगा. पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में पर्यटकों की आमद बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है. होमस्टे नीति के माध्यम से लोग अपने घर पर रहकर ही एक सम्मानजनक व्यवसाय शुरू कर सकते हैं, जिससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि जिले की पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा.

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mritunjay baghel

मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें

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