90 का दशक भारतीय सिनेमा का वह सुनहरा दौर था, जब थिएटर्स में सीटों पर बैठकर लोग फिल्में कम देखते थे, नाचते ज्यादा थे. उस दौर में रुपहले पर्दे पर एक ऐसा सितारा चमका जिसने स्टारडम की परिभाषा ही बदल दी. रंग-बिरंगे कपड़े, चेहरे पर एक बेफिक्र और जादुई मुस्कान, आंखों में गजब की शरारत और पैरों में बिजली जैसी फुर्ती… जी हां, हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के इकलौते ‘चीची’ यानी गोविंदा जिन के गाने लोगों को नाचने पर मजबूर कर देते थे.90 का दशक भारतीय सिनेमा का वह सुनहरा दौर था, जब थिएटर्स में सीटों पर बैठकर लोग फिल्में कम देखते थे, नाचते ज्यादा थे. उस दौर में रुपहले पर्दे पर एक ऐसा सितारा चमका जिसने स्टारडम की परिभाषा ही बदल दी. रंग-बिरंगे कपड़े, चेहरे पर एक बेफिक्र और जादुई मुस्कान, आंखों में गजब की शरारत और पैरों में बिजली जैसी फुर्ती… जी हां, हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के इकलौते ‘चीची’ यानी गोविंदा जिन के गाने लोगों को नाचने पर मजबूर कर देते थे.
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गोविंदा के 6 सुपरहिट गाने, जिन्हें सुनकर आज भी प्यार में पड़ जाते हैं लोग, डांस-रोमांस और मस्ती का फुल तड़का


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विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More










