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गेहूं की कटाई के बाद खेत है खाली, ढैंचा, मूंग और उड़द की कर दें बुवाई, मिट्टी के लिए करेगा संजीवनी का काम

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By Vikash Raghuwanshi Editor
Published On: April 6, 2026

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कृषि एक्सपर्ट डॉ. एन.पी. गुप्ता ने बताया कि मिट्टी में जीवांश कार्बन और पोषक तत्वों की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है. उन्होंने सुझाव दिया कि गेहूं की कटाई के बाद किसान खाली खेतों में ढैंचा की बुवाई करें. इसके लिए 20 किलोग्राम प्रति एकड़ बीज की आवश्यकता होती है. लगभग 45 से 50 दिनों बाद इस फसल को मिट्टी में पलट देना चाहिए, जिससे प्रति एकड़ 20-25 किलोग्राम नाइट्रोजन की प्राकृतिक रूप मिलती है.

​कृषि एक्सपर्ट डॉ. एन.पी. गुप्ता ने बताया कि मिट्टी में जीवांश कार्बन और पोषक तत्वों की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है. उन्होंने सुझाव दिया कि गेहूं की कटाई के बाद किसान खाली खेतों में ढैंचा की बुवाई करें. इसके लिए 20 किलोग्राम प्रति एकड़ बीज की आवश्यकता होती है. लगभग 45 से 50 दिनों बाद इस फसल को मिट्टी में पलट देना चाहिए, जिससे प्रति एकड़ 20-25 किलोग्राम नाइट्रोजन की प्राकृतिक रूप मिलती है.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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