गर्मियों में दुधारू पशुओं का दूध कम होने से बचाने के लिए सहजन (मोरिंगा) और अजोला को अमृत बताया है. इसके अलावा नेपियर और सूडान घास जैसे पोषक हरे चारे खिलाने से गाय-भैंस की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और दूध उत्पादन स्थिर रहता है. देवघर की पशु चिकित्सक डॉ. पूनम सोरेन ने इस संबंध में विस्तार से बताया है.
गर्मियों में दुधारू पशुओं का दूध कम होने से बचाने के लिए सहजन (मोरिंगा) और अजोला को अमृत बताया है. इसके अलावा नेपियर और सूडान घास जैसे पोषक हरे चारे खिलाने से गाय-भैंस की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और दूध उत्पादन स्थिर रहता है. देवघर की पशु चिकित्सक डॉ. पूनम सोरेन ने इस संबंध में विस्तार से बताया है.


