कनक भवन तक जाने के लिए मार्ग जर्जर हो चुका है. खासकर बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे इस मार्ग पर चलते समय असुरक्षित महसूस करते हैं. कई श्रद्धालु फिसलकर चोटिल हो चुके हैं.जबकि कुछ के पैर में मोच आने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं.इतना ही नहीं, इस रास्ते पर आवागमन भी बाधित होता है. भीड़ के बीच संतुलन बनाकर चलना मुश्किल हो जाता है. जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है.
कनक भवन तक जाने के लिए मार्ग जर्जर हो चुका है. खासकर बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे इस मार्ग पर चलते समय असुरक्षित महसूस करते हैं. कई श्रद्धालु फिसलकर चोटिल हो चुके हैं.जबकि कुछ के पैर में मोच आने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं.इतना ही नहीं, इस रास्ते पर आवागमन भी बाधित होता है. भीड़ के बीच संतुलन बनाकर चलना मुश्किल हो जाता है. जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है.













