Sendra festival Dalma: जमशेदपुर के दलमा में सेंदरा पर्व के दौरान इस बार पारंपरिक हथियारों से शिकार नहीं हुआ. जो परंपरा और संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की. दलमा के जंगलों में हजारों आदिवासियों ने पारंपरिक हथियारों के साथ सेंदरा पर्व तो मनाया, लेकिन इस बार शिकार की जगह जानवरों की रक्षा का संकल्प लिया. वन विभाग की गांधीगिरी और ग्रामीणों की जागरूकता ने सदियों पुरानी परंपरा को एक सकारात्मक मोड़ दिया है. जानें कैसे इस बार दलमा में खून नहीं बहा, बल्कि फूल-मालाओं से सेंदरा वीरों का स्वागत हुआ और महिलाओं ने क्यों किया श्रृंगार का त्याग?
Sendra festival Dalma: जमशेदपुर के दलमा में सेंदरा पर्व के दौरान इस बार पारंपरिक हथियारों से शिकार नहीं हुआ. जो परंपरा और संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की. दलमा के जंगलों में हजारों आदिवासियों ने पारंपरिक हथियारों के साथ सेंदरा पर्व तो मनाया, लेकिन इस बार शिकार की जगह जानवरों की रक्षा का संकल्प लिया. वन विभाग की गांधीगिरी और ग्रामीणों की जागरूकता ने सदियों पुरानी परंपरा को एक सकारात्मक मोड़ दिया है. जानें कैसे इस बार दलमा में खून नहीं बहा, बल्कि फूल-मालाओं से सेंदरा वीरों का स्वागत हुआ और महिलाओं ने क्यों किया श्रृंगार का त्याग?













