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‘ओ मेरे शाह-ए-ख़ूबाँ’ आशा पारेख का 60 साल पुराना दर्दभरा गाना, पहले मुखड़े का मतलब नहीं जानते ज्यादातर लोग

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Published On: March 17, 2026

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नई दिल्ली: आशा पारेख और जॉय मुखर्जी की साल 1966 में आई फिल्म ‘लव इन टोक्यो’ सुपरहिट रही थी, जिसके गाने आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है. फिल्म में जापान का खूबसूरत नजारा है. फिल्म की तरह इसका एक दर्दभरा गाना सुपरहिट हुआ था, जिसे लता मंगेशकर ने गाया था. गाने का शुरुआती मुखड़ा है – ‘ओ मेरे शाह-ए-ख़ूबाँ ओ मेरे जान-ए-जनाना’, जिसका ज्यादातर लोग आज भी मतलब नहीं जानते. ‘शाह-ए-ख़ूबाँ’ का मतलब है- ‘खूबसूरत लोगों का राजा’ या ‘सबसे खूबसूरत इंसान’. यह मुखड़ा गाने के संगीत से भी ज्यादा खूबसूरत लगता है. यह शब्द अक्सर प्रेमी अपनी प्रेमिका की खूबसूरती बयां करने के लिए करते हैं. गाने के बोल हसरत जयपुरी ने लिखे थे और संगीत शंकर जयकिशन ने तैयार किया था.

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