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ईरान जंग के बीच अमेरिकी एआई कंपनियां घबरा गई हैं और आनन फानन में उन्होंने केमिकल वेपन, हाई एक्सप्लोसिव वेपन और रेडिशएशन एक्सपर्ट की भर्ती कर रही हैं. इसके लिए करोड़ों रुपये की सैलरी ऑफर कर रही हैं. लेकिन डर किस बात का…
एआई इमेज…
ईरान-अमेरिका इजरायल जंग के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अजीब और हैरान करने वाली हलचल मची हुई है. जिस वक्त मिसाइलों की बारिश हो रही है, उसी वक्त अमेरिकी AI कंपनियां केमिकल वेपन एक्सपर्ट तलाश रही हैं. हाई एक्सप्लोसिव और रेडिशएशन एक्सपर्ट की भर्ती करने में जुटी हैं. सवाल ये है कि आखिर एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी को बम और केमिकल वेपन के एक्सपर्ट की जरूरत क्यों पड़ी, क्या कोई बहुत बड़ा खतरा हमारी दहलीज पर खड़ा है? तो जवाब है-हां.
AI कंपनी एंट्रोपिक और ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI इस बात से खौफजदा हैं कि उनकी अपनी हाईटेक टेक्नोलॉजी कहीं आतंककियों, असामाजिक तत्वों या दुश्मन देशों को केमिकल, बॉयोलॉजिकल या रेडियोलॉजिकल हथियार यानी डर्टी बम बनाना सिखा सकती है. इसी डर के कारण अब ये कंपनियां भारी-भरकम वेतन देकर हथियारों के जानकारों को काम पर रख रही हैं, ताकि वे अपने एआई मॉडल्स के सुरक्षा तंत्र को अभेद्य बना सकें.
पोस्ट के साथ क्या लिखा
हाल ही में लिंक्डइन और अन्य जॉब पोर्टल्स पर एंट्रोपिक ने एक एडवर्टीजमेंट पोस्ट किया. कंपनी ने केमिकल वेपन और हाई यील्ड एक्सप्लोसिव के लिए एक पॉलिसी मैनेजर की पोस्ट निकाली है. इस एडवर्टीजमेंट में साफ-साफ लिखा गया है कि आवेदन करने वाले श्ख्स के पास केमिकल या एक्सप्लसोसिव डिफेंस के क्षेत्र में कम से कम पांच साल काम करने का अनुभव होना चाहिए. इतना ही नहीं, उसे रेडियोलॉजिकल डिलीवरी डिवाइस की गहरी समझ होनी चाहिए.
हथियार बनाना मकसद नहीं
एंट्रोपिक ने स्पष्ट किया है कि यह पोस्ट उसके सेफगार्ड्स को मजबूत करने के लिए बनाया गया है. कंपनी का मकसद कोई हथियार बनाना कतई नहीं है. वह चाहती है कि कोई अन्य यूजर एआई टूल ‘क्लाउड’ का उपयोग करके हथियार बनाने की संवेदनशील जानकारी न निकाल सके. कंपनी ने बताया कि यह पद उन पदों की तरह ही है, जो पहले अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए निकाले किए थे.
पौने चार करोड़ रुपये सैलरी
- एंट्रोपिक ऐसा करने वाली अकेली कंपनी नहीं है. चैटजीपीटी बनाने वाली ओपनएआई भी ऐसी ही भर्ती कर रही है. ओपनएआई अपनी करियर वेबसाइट पर बायोलॉजिकल एंड केमिकल रिस्क के क्षेत्र में एक सीनियर रिसर्चर की तलाश कर रही है.
- इस पद की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कंपनी इसके लिए सैलरी लगभग पौने चार करोड़ रुपये रखी है. यह सैलरी एंट्रोपिक की ओर से दी जा रही सैलरी से लगभग दोगुनी है.
क्यों इसकी जरूरत
एआई मॉडल्स आज इतने हाईटेक हो चुके हैं कि वे साइंस, रसायन शास्त्र और कोडिंग से जुड़े बेहद जटिल सवालों के जवाब कुछ ही सेकंड में दे सकते हैं. एक आम इंसान के लिए इंटरनेट पर बिखरी हुई हजारों रिसर्च से बम बनाने का सटीक तरीका खोजना मुश्किल हो सकता है, लेकिन एक हाईटेक एआई उस सारी जानकारी को एक जगह इकट्ठा करके, उसे आसान भाषा में समझाकर एक खतरनाक गाइडबुक तैयार कर सकता है. कंपनियों को डर है कि अगर उनका सुरक्षा घेरा मजबूत नहीं हुआ, तो यह ज्ञान बहुत ही आसानी से विनाशकारी हाथों में जा सकता है.
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Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें


