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यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड और और यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर के बाद अब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जंग में यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को भी उतारने की तैयारी कर ली है. इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका पीछे हटने के मूड में नहीं है. पश्चिम एशिया का तनाव और बढ़ने वाला है.
पश्चिम एशिया में अब अमेरिका खुद को और ताकतवर बना रहा है. (फाइल फोटो)
वॉशिंगटन. पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब खुली सैन्य टकराव की दिशा में बढ़ता दिख रहा है. यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का वर्जीनिया के नोरफॉक से रवाना होना सिर्फ एक तैनाती नहीं, बल्कि सीधा सैन्य संदेश है कि अमेरिका अब ईरान के खिलाफ जंग में पीछे हटने के मूड में नहीं है. एबीसी न्यूज ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड और और यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मिडिल-ईस्ट में अमेरिकी ऑपरेशन्स की मदद के लिए पहले से ही तैनात हैं. हालांकि, फोर्ड इस समय ग्रीस के क्रीट में है, जहां हाल ही में ईरान के मिसाइल हमले के बाद जहाज पर लगी आग के बाद उसकी मरम्मत चल रही है.
यह खबर ऐसे समय में आई है, जबकि रूस द्वारा ईरान को एडवांस ड्रोन की खेप भेजी जा रही है. ये ड्रोन उसी ड्रोन के एडवांस एडिशन हैं जिनकी आपूर्ति तेहरान ने पहले रूस को यूक्रेन पर हमले के वक्त की थी. अमेरिकी और यूरोपीय अधिकारियों ने ‘एपी’ को यह जानकारी दी. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद से तेहरान एक महीने से अधिक समय से इजरायल, खाड़ी के पड़ोसी देशों और मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन से हमले कर रहा है.
ईरान के पास स्वयं शाहेद ड्रोन का भंडार है, जबकि रूस ने यूक्रेन युद्ध के दौरान इनके डिज़ाइन में सुधार किए हैं. यूरोपीय खुफिया अधिकारी ने एपी को बताया कि रूसी और ईरानी अधिकारियों के बीच इस महीने रूस से ईरान को ड्रोन भेजने के संबंध में बातचीत हुई है. अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह खेप एक बार भेजी गई है या अपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें


