राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों द्वारा नई शिक्षा नीति NEP 2020 की 5 वर्षों की उपलब्धियां पर आयोजित की गयी संगोष्ठी
सोनभद्र ब्यूरो चीफ दिनेश उपाध्याय-(ओबरा/सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)–डिजिटल भारत न्यूज टुडे नेटवर्क 24×7 LIVE
ओबरा/सोनभद्र।आज दिनांक 28 जुलाई 2025 को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा, सोनभद्र में राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाईयों के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लागू होने के 5 साल पूरे होने पर संगोष्ठी का सुंदर आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उपस्थित होकर कार्यक्रम के प्रति अपने उत्साह एवं गंभीरता को प्रदर्शित किया।महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार ने छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के 5 साल पूरे होने की उपलब्धियों के बारे मे विस्तार से बताया।उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 5 आधारभूत स्तंभ है,पहुंच,समानता, गुणवक्ता,सामर्थ्य और जवाबदेही। यह नीति सतत विकास के 2030 एजेंडे के अनुरूप है। इसका उद्देश्य स्कूल और कॉलेज शिक्षा को अधिक समग्र, लचीला और बहुविषयक बनाकर भारत को वैश्विक ज्ञान में महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है।



वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संतोष कुमार सैनी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए।NEP 2020 की विशेषताओं के बारे मे बताते हुए नई शिक्षा नीति एवं पुरानी शिक्षा नीति के विविध पक्षों का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत किया l उन्होंने बताया कि NEP 2020 का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक छात्र/ छात्रा को विषयगत ज्ञान के साथ-साथ उनके अंदर छुपी हुई अद्वितीय प्रतिभा व क्षमताओं को विकसित कर उनका सर्वांगीण विकास करना है।राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विकास कुमार ने पीपीटी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के 5 साल की चुनौतियों एवं अवसर के बारे में विस्तार से चर्चा की l राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सचिन कुमार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के ग्रेडिंग सिस्टम के बारे मे विस्तार से प्रकाश डाला l उक्त अवसर पर प्रोफेसर राधाकांत पांडेय, प्रवेश प्रभारी डॉ.उपेन्द्र कुमार,डॉ. आलोक यादव, डॉ. विभा पांडेय,डॉ संघमित्रा इत्यादि प्राध्यापक गण,अरुण कुमार,सरफुद्दीन,मनीष इत्यादि कर्मचारियों के साथ-साथ अभिषेक,ओम तिवारी, आरिफ,अदिति पांडेय,देवेन्द्र कुमारइत्यादि राष्ट्रीय सेवा योजना के सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे l


