संवाददाता- उमेश कुमार भारती -(छत्तरपुर/पलामू/झारखण्ड)–डिजिटल भारत न्यूज 24×7 LIVE

छतरपुर: भाई-बहन के अटूट बंधन और कुदरत के प्रति अगाध आस्था का प्रतीक करमा परब छतरपुर के विभिन्न इलाकों में अद्दि कुडुख सरना समाज के द्वारा बड़े ही उत्साह और पारंपरिक धूमधाम से मनाया गया।
जनजातीय परंपराओं से सराबोर माहौल में न केवल सरना धर्मावलंबी, बल्कि अन्य समाज के लोग भी शामिल हुए और करम देवता की पूजा कर अच्छी फसल व समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अरविंद चुनमून भी अलग-अलग अखरा पहुंचे। उन्होंने मांदर बजाकर जनजातीय समाज के उत्साह में चार चांद लगाए और बहनों-भाइयों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया। वहीं अद्दि कुडुख सरना समाज के सदस्यों ने नागपुरी अंगवस्त्र भेंट कर अरविंद का अभिनंदन किया।अपने संबोधन में अरविंद ने कहा कि “करमा परब प्रकृति और धरती मां के प्रति कृतज्ञता का पर्व है। जनजातीय समाज ने हमेशा धरती की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण में अद्वितीय भूमिका निभाई है।” उन्होंने अफसोस जताया कि हजारों की संख्या में जनजातीय समाज के लोग छतरपुर में बसे होने के बावजूद करमा परब जैसे बड़े त्योहार के लिए न तो सरकार और न ही प्रशासन कोई सहयोग देता है।उन्होंने झारखंड सरकार और पलामू डीसी से मांग की कि छतरपुर के विभिन्न सरना स्थलों पर चहारदीवारी और धुमकुड़िया भवन का निर्माण कराया जाए, जिससे समाज की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर को मजबूती मिल सके।










